श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट क्षेत्र ने राममंदिर समेत 70 एकड़ का नक्शा समस्त अभिलेखों के साथ अयोध्या विकास प्राधिकरण में शनिवार को दाखिल कर दिया है। दोपहर बाद ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने प्राधिकरण के वीसी को सभी दस्तावेज सौंपे।
नक्शे के साथ 9 विभागों की एनओसी व मानचित्र शुल्क के लिए 65 हजार रुपये का चालान भी जमा हुआ है। अब विकास प्राधिकरण अभिलेखों के परीक्षण में जुट गया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी डॉ. नीरज शुक्ला ने बताया है कि अयोध्या में बनने वाला राममंदिर का नक्शे समस्त भूमि अभिलेखों के साथ 4 प्रतियों में जमा हो गया है।
उन्होंने बताया है कि नक्शे के साथ पर्यावरण, फायर, एएसआई, वन विभाग, प्लान ले आउट नक्शा, नगर निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी समेत 9 विभागों की एनओसी व इसके लिए आवेदन भी है। इसके अलावा मानचित्र शुल्क के रूप में 65 हजार रुपये का चालान भी जमा किया गया है।
नक्शा जमा होने के बाद विकास प्राधिकरण ने अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है। अगर विकास प्राधिकरण को किसी अन्य अभिलेख या दस्तावेज की जरूरत पड़ेगी तो ट्रस्ट से मांगेगा। अभिलेखों की जांच के बाद विकास प्राधिकरण नक्शे की फीस का निर्धारण करेगा।
इस कार्य में एक से दो दिन लग सकते हैं। उन्होंने बताया है कि फीस जमा होने के बाद प्राधिकरण बोर्ड की बैठक होगी। इसमें नक्शा पास किया जाएगा। उन्होंने बताया है कि पूरी प्रक्रिया में चार से पांच दिन लग सकते हैं। इसके बाद ट्रस्ट राममंदिर निर्माण का कार्य शुरू कर सकता है।
विकास शुल्क में मिलेगी 65 प्रतिशत की छूट
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट क्षेत्र की ओर से दायर नक्शे के विकास शुल्क में 65 प्रतिशत की छूट मिलेगी। दरअसल, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट एक धार्मिक संस्था है और अधिनियम 1961 के 80 जी के इनकम टैक्स में पंजीकृत है।