विगत कई दिनों से ग्रामीणों सहित पुलिस व वनकर्मियों के लिए सिरदर्द बना आदमखोर तेंदुआ आखिरकार गुरुवार रात पिंजरे में कैद हो गया। जिसके बाद हर किसी ने राहत की सांस लिया। तेंदुआ को सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए रेंजर पूर्वी सोहेलवा ने डीएफओ को पत्र लिखा है।
सिरसिया विकास क्षेत्र में सोहेलवा जंगल से सटे गांव में विगत एक माह से आदमखोर तेंदुए का आतंक व्याप्त था। तेंदुए ने बीते एक पखवारे में दो बालिकाओं को निवाला बनाया था। इतना ही नहीं जंगल से निकल कर आने वाला यह तेंदुआ आए दिन किसी न किसी मवेशी अथवा पालतू पशु को अपना शिकार बना रहा था।
सिरसिया थाना क्षेत्र के बालू घोलिया व निबिहा गांव में बालिकाओं की मौत के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देश पर तेंदुआ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू शुरू कराया गया था। पुलिस व वन विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों को सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर न निकलने की सलाह देने के साथ ही सभी संभावित ठिकानों पर तेंदुए की तलाश की जा रही थी।