लखनऊ। नगर निगम के संपूर्ण समाधान दिवस में शुक्रवार को गृहकर से जुड़ी शिकायतें हावी रहीं। गोमती नगर विशालखंड-1 से आए एमपी सिंह ने महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार को बताया कि समान आकार की दुकानों में उनका गृहकर ज्यादा लगाया गया, जबकि दूसरे की दुकान का कम। पूरा टैक्स जमा करने के बावजूद उन्हें 40 हजार रुपये का बकाया बिल भेज दिया गया।
इसी तरह की शिकायतें लेकर कई भवनस्वामी पहुंचे। कुछ मामलों का वहीं निस्तारण किया गया, जबकि कई को जांच के नाम पर अगली तारीख के लिए छोड़ दिया गया। गृहकर के अलावा पानी, सीवर, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी कुल 68 शिकायतें दर्ज हुईं।
टैक्स जमा, फिर भी बकाया नोटिस
इंदिरानगर के अजय कुमार वर्मा ने बताया कि उनका गृहकर पूरा जमा है। इसके बावजूद उन्हें 45,750 रुपये बकाये का नोटिस भेजा गया। बिल देने आए कर्मचारी ने तत्काल भुगतान का दबाव बनाया और मकान सील करने की चेतावनी दी। अजय के मुताबिक, उनका मकान मात्र 900 वर्ग फीट में बना है और उसी में एक छोटी दुकान है, जहां उनकी पत्नी सिलाई करती हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच कर बिल ठीक कर दिया जाएगा।
गोमतीनगर के राम सिंह ने बताया कि उनका मकान 2024 में बना है, फिर भी उन्हें 2022 से गृहकर बिल और बकाया भेज दिया गया। इन्हें भी सुधार का आश्वासन दिया गया।
आपत्ति के बाद घटा गृहकर
प्रेम नगर, आलमबाग की माया मिश्रा के मकान के गृहकर मूल्यांकन 43,200 रुपये हुआ था। जांच के बाद 13,500 रुपये हुआ। इसी तरह मोहिनीपुरवा की माया यादव के मकान के गृहकर मूल्यांकन 27,000 रुपये हुआ था। जांच के बाद यह 15,840 रुपये हुआ। इंदिरानगर के डॉ. पन्ना लाल के मकान के गृहकर मूल्यांकन 31,736 रुपये था, जांच के बाद 24,120 रुपये किया गया
जोनवार शिकायतें
जोन-1 : 21
जोन-2 : 5
जोन-3 : 5
जोन-4 : 2
जोन-5 : 1
जोन-6 : 10
जोन-7 : 8
जोन-8 : 3
जलकल विभाग (पानी/सीवर) : 13
समाधान दिवस पर पहुंचे लोग।