लखनऊ। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बृहस्पतिवार को मुन्ना बजरंगी के उत्तराधिकारी अमन सिंह गिरोह के शूटर अभिनव प्रताप सिंह उर्फ बडू को चिनहट थानाक्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। शूटर अयोध्या का रहने वाला है। अभिनव के खिलाफ हत्या की कोशिश, रंगदारी, लूट, हत्या और जालसाजी समेत 11 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें अयोध्या में चार, लखनऊ के आशियाना थाने में रंगदारी मांगने और मिर्जापुर, धनबाद झारखंड में पांच मुकदमे दर्ज हैं।
झारखंड के डीजीपी मुरारीलाल मीना ने बदमाश अभिनव पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था और गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ उत्तर प्रदेश के एडीजी अमिताभ यश से संपर्क किया था। बदमाश की लोकेशन यूपी में मिलने पर टीम ने अभिनव को गिरफ्तार कर लिया। अभिनव मूलरूप से अयोध्या के ज्ञानपुर का रहने वाला है जबकि नगर कोतवाली के देवकाली स्थित सरयू विहार कॉलोनी में रहता है। पुलिस ने शातिर के पास से तीन मोबाइल, एक डोंगल और नकदी बरामद की है। एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर झारखंड से आए विवेचक अजय यादव के सुपुर्द कर दिया।
रांची जेल में बंद है गिरोह का सरगना
एसटीएफ के मुताबिक, अभिनव के बारे में जानकारी रांची जेल से मिली। वहां गिरोह का सरगना अंबेडकरनगर का अमन सिंह बंद है जबकि अमन का करीबी साथी धर्मेंद्र सिंह उर्फ रिंकू धनबाद जेल में है। धर्मेंद्र सिंह पर धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या का केस दर्ज है। अमन और धर्मेंद्र ने कोल इंडस्ट्री में वर्चस्व कायम करने के लिए झारखंड व उत्तर प्रदेश के अपराधियों का एक गिरोह तैयार किया। ये गिरोह रांची व धनबाद में वारदात को अंजाम देता है। जेल के बाहर अभिनव ही गिरोह को चला रहा था।
कैश वैन से 1.2 करोड़ की लूट में गया था जेल
पुलिस के मुताबिक, अभिनव का रिश्तेदार अजय सिंह सिपाही है जो शातिर अपराधी है। पुलिस ने 2009 में उसे जेल भेज दिया था। अजय के साढ़ू संदीप सिंह के साथ मिलकर अभिनव ने कुछ समय प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम किया। 2014 में संदीप व अभिनव ने महराजगंज थानाक्षेत्र में बैंक ऑफ बड़ौदा की कैशवैन से 1.20 करोड़ रुपये लूट लिए थे। मामले में संदीप की गिरफ्तारी होते ही अभिनव ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था, जहां उसकी मुलाकात अमन सिंह से हुई थी।
जेल से छूटते ही प्रॉपर्टी डीलर व पत्रकार की हत्या
एसटीएफ के अनुसार, जेल से छूटने के बाद अमन और अभिनव ने अयोध्या के प्रॉपर्टी डीलर फतेह वर्मा की हत्या की और रंगदारी न देने पर सीमा हॉस्पिटल के मालिक सरोज पांडेय पर जानलेवा हमला किया। सुल्तानपुर के पत्रकार करुण मिश्रा की हत्या की। इसके बाद दोनों ने धनबाद के डिप्टी मेयर व कोल व्यापारी सूर्यदेव सिंह के भतीजे नीरज सिंह की हत्या की। मामले में झारखंड पुलिस ने सरगर्मी से तलाश की तो अभिनव ने अमन सिंह के लिए छिपने की व्यवस्था अयोध्या से लेकर वाराणसी और मिर्जापुर में कराई थी। तिहरे हत्याकांड में मिर्जापुर जेल में बंद रिंकू सिंह से मिलने के लिए जाते वक्त रास्ते में ने अभिनव व अमन को पिस्तौल के साथ पकड़ लिया था। हालांकि, कुछ समय बाद जमानत पर अभिनव छूट गया था।
अयोध्या के प्रॉपर्टी डीलर को मुन्ना बजरंगी से मिलवाया
एटीएफ के मुताबिक, अभिनव इस दौरान मुन्ना बजरंगी का काफी करीबी हो गया था। साथ ही अयोध्या से जिला पंचायत सदस्य रेखा चौधरी के पति रामचंदर के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने लगा था। अभिनव ने रामचंदर की मुलाकात झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी से कराई और जमीनों को लेकर करोड़ों की डील हुई। रामचंदर ने बेईमानी की तो अभिनव ने उसे धमकाया। इस पर रामचंदर ने मुन्ना बजरंगी व अभिनव के कई साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले में पुलिस ने अभिनव को जेल भेज दिया था।
भाजपा विधायक के करीबी की हत्या की कोशिश
एसटीएफ के मुताबिक, अभिनव ने 2020 में साथी रवि ठाकुर के साथ झारखंड के धनबाद से भाजपा विधायक डुल्लू महतो के करीबी राजेश गुप्ता की तीन दिन रेकी कर जान से मारने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के कारण राजेश की जान बच गई। इसके बाद दोनों ने राजेश के घर पर बम से हमला किया। भाजपा विधायक की धनबाद में कोयले की रैक लगी है। अमन सिंह भी रैक लगवा रहा था। लेकिन महतो ने रैक लगने नहीं दी थी। इसके अलावा अभिनव पर अंबे कोल सोर्सिंग कंपनी धनबाद के जीएम रेड्डी की रेकी कर गाड़ी पर फायरिंग, सिटी फ्यूल पेट्रोल पंप गोविंदपुर पर फायरिंग और व्यापारी राजेश सिंह से रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज है।
हत्या करने गया था गुवाहाटी
एसटीएफ के मुताबिक, लखनऊ के विश्वासखंड निवासी अनुराग यादव का एनजीओ अखंड ज्योति चलता है। अनुराग का साझीदार रहमान 25 लाख रुपये लेकर भाग गया था। काफी तलाश के बाद उसकी लोकेशन गुवाहाटी में मिली। अनुराग यादव के कहने पर अभिनव हत्या के लिए दिसंबर 2020 में गुवाहाटी गया था, लेकिन रहमान से संपर्क न होने के चलते लौट आया था।