आखिरकार अवैध खनन के मामले में पुलिस अधीक्षक ने तीन थानाध्यक्षों को शनिवार को सस्पेंड कर दिया। एसपी ने बताया कि खनन मामले की जांच चल रही थी। आरोप में तीनों थानाध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अवैध खनन को लेकर गोंडा कई सालों से सुर्खियों में रहा है। अवैध खनन को लेकर एनजीटी की सख्त रुख के बाद से कई बार खनन की जांच हुई। नवाबगंज के चकरसूल से लेकर उमरी बेगमगंज के ऐली परसौली व करनैलगंज क्षेत्र में कई बार अवैध खनन रोकने को लेकर छापेमारी की गई।
मगर अवैध खनन यहां नहीं रुका। गोंडा में अवैध खनन के कारोबार की शिकायत सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए गोंडा के कोतवाल करनैलगंज सदानंद सिंह, थाना नवाबगंज वेदप्रकाश श्रीवास्तव व थाना उमरी बेगमगंज के थानाध्यक्ष मनोज कुमार राय को सस्पेंड करने का आदेश दिया था।
सीएम ने करनैलगंज एवं तरबगंज के एसडीएम व सीओ के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश किए थे। सीएम ने डीएम-एसपी को भी चेतावनी दी थी। सीएम के आदेश के बाद एसडीएम व सीओ की जंाच तो शुरु हो गई थी।
मगर तीनों थानाध्यक्ष अपने पद पर बने थे। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में सीएम का फरमान नहीं मान रहे कप्तान शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद एसपी ने तीनों थानाध्यक्षों को सस्पेंड कर दिया। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच के बाद तीनों थानाध्यक्षों को सस्पेंड कर दिया गया है।