यूपी के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने दिल्ली में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से मुलाकात के बाद कहा कि नेताजी ने मुझे पार्टी का अध्यक्ष बनाया है। मैं इस पद पर बना रहूंगा और पार्टी के लिए काम करता रहूंगा। शिवपाल ने इस्तीफे की संभावना पर कहा कि मैं मंत्री हूं और मंत्री रहूंगा।
वहीं, उन्होंने सीएम अखिलेश पर कहा कि उनके साथ मेरा कोई मनमुटाव नहीं है। शिवपाल ने कहा कि नेताजी जो भी मुझसे कहेंगे मैं उसका पालन करूंगा।
गौरतलब है कि शिवपाल बुधवार सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए थे, जहां मुलायम के घर पर उनसे काफी देर तक चर्चा हुई। मीटिंग के बाद शिवपाल ने ये बातें कही।
मामले पर और चर्चा करने के लिए मुलायम शुक्रवार को लखनऊ आएंगे। कयास लगाए जा रहे हैं वह सीएम अखिलेश व शिवपाल के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
इस तरह शुरू हुआ ये विवाद
शिवपाल सिंह यादव
विवाद की शुरूआत सोमवार को मुलायम के करीबी दो मंत्रियों को बर्खास्त करने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद अखिलेश ने शिवपाल के करीबी दीपक सिंघल से कुर्सी छीनकर एक और बड़ा धमाका कर दिया।
अखिलेश ने दीपक सिंघल की जगह अपने विश्वासपात्र राहुल भटनागर को मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी। देर शाम तक मुलायम सिंह ने अखिलेश से प्रदेश अध्यक्ष पद छीनकर शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया।
ये फैसला आने के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री अखिलेश ने चाचा शिवपाल से सारे अहम पद छीन लिए। बुधवार सुबह शिवपाल ने सैफई में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, मेरा विश्वास नेताजी में है। वो जो फैसला लेंगे, सर्वमान्य होगा। शिवपाल ने कहा, मैं किसी से नाराज नहीं।
शिवपाल ने कहा, नेता जी ने जो जिम्मेदारी दी है उसे निभाएंगे। इस्तीफे के सवाल पर शिवपाल ने कहा कि नेताजी से मुलाकात करके ही कोई फैसला लिया जाएगा। इसके बाद शिवपाल मुलायम सिंह से मुलाकात करने दिल्ली पहुंच गए।
अखिलेश ने अमर सिंह को ठहराया जिम्मेदार
अमर सिंह
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सपा में मचे विवाद के लिए यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने इशारों ही इशारों में अमर सिंह को जिम्मेदार बताया उन्होंने कहा कि अगर बाहरी लोग हस्तक्षेप करेंगे तो पार्टी कैसे चलेगी।
इन कयासों के बीच राज्यसभा सदस्य ने इन बातों से इनकार किया और कहा कि मुलायम सिंह मुझसे प्यार करते हैं। जब मैं पार्टी में नहीं था तो उन्होंने ही कहा था कि अगर मुझे कोई समझ सकता था तो वो अमर सिंह ही थे।
इसके अलावा अमर ने यह भी कहा कि सपा का एक कल था, एक आज है। जो कल था उसमें मैं, मुलायम व शिवपाल थे, जो आज है उसमें अखिलेश यादव हैं। जरूरत है कि कल और आज के बीच बेहतर समन्वय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश अब बच्चा नहीं है वह 21 करोड़ लोगों का प्रतिनिधि है।
हालांकि अमर ने बातों से इनकार किया कि अखिलेश ने उन पर निशाना साधा। कहा कि अखिलेश ने आज तक कभी भी उनके बारे में कुछ नहीं बोला। वो मेरे बच्चे जैसे हैं।