सहकारिता मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के हाथों से निकलने के कारण सहकारिता कमजोर हुई है। उनके हाथों में रहती तो इतनी कमजोर न होती।
कहा, ‘मैंने सहकारी संस्थाओं को मजबूत कराने की काफी कोशिश की लेकिन तमाम बाधाओं के कारण उतना नहीं कर पाया, जितना चाहता था।
नौकरशाही तो कलम ही नहीं उठाना चाहती। वित्तीय संसाधनों की कठिनाई भी काफी आती है। फिर भी जितना हो सका, संस्थाओं को मजबूत करने का काम किया गया।’
शिवपाल शनिवार को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उ.प्र. को-ऑपरेटिव बैंक की सामान्य निकाय की बैठक में बोल रहे थे। सहकारिता मंत्री ने कहा, कई ऐसे अधिकारी अब भी मौजूद हैं जिनकी वजह से सहकारी संस्थाओं की हालत बिगड़ी। आज भी वे संस्थाओं को बर्बाद करने की साजिश में लगे हैं। जिलों की बैंकों और अन्य संस्थाओं के अध्यक्षों को इन पर नजर रखनी चाहिए।