लगता है मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के बीच मतभेद खत्म हो गए हैं। मीटिंग के बाद शिवपाल का तो यही कहना है। मीडिया से बातचीत में शिवपाल यादव ने कहा कि हमारे परिवार में किसी भी तरह का मनमुटाव नहीं है, सबकुछ ठीक है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2017 में समाजवादी पार्टी फिर सरकार बनाएगी। वहीं, उन्होंने जमीनों पर कब्जा करने वाले सपाइयों को भी चेतावनी दे दी और कहा कि गलत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शिवपाल ने सीएम निवास जाकर अखिलेश से लंबी गुफ्तगू की। मुलायम परिवार की एकता का संदेश देने के लिए शनिवार को दोनों सार्वजनिक कार्यक्रम में साथ-साथ नजर आएंगे।
सपा के शीर्ष नेताओं में तल्खी की शुरुआत तब हुई जब शिवपाल यादव ने कौमी एकता दल के सपा में विलय की घोषणा की और शाम को ही अखिलेश यादव ने इस पर विरोध जता दिया। उन्होंने विलय के सूत्रधार मंत्री बलराम यादव को बर्खास्त कर दिया।
इस मुद्दे पर सपा संसदीय बोर्ड की बैठक हुई और विलय को खारिज कर दिया। ताजा मामला जमीनों पर कब्जों को लेकर कार्रवाई न होने का है।
शिवपाल सिंह ने इस मुद्दे पर मंत्री पद से इस्तीफा तक देने की घोषणा कर दी। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि कुछ जिलों के अधिकारी अवैध कब्जों हटाने के निर्देशों पर अमल नहीं कर रहे हैं।