सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अधिकतर आईएएस अफसर फाइलें रोकने में ही अपने ज्ञान का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने इंजीनियरों से कहा, ‘थोड़ी-बहुत बुद्धि’ लगाने पर माफ किया जा सकता है लेकिन बजट पर डाका डालने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि इंजीनियर भी काबिल होते हैं, इसलिए सचिव और प्रमुख सचिव पद पर तैनाती की उनकी मांग जायज है।
शिवपाल सोमवार को इंडियन वाटर रिसोर्स सोसाइटी (आईडब्ल्यूआरएस) की ओर से ‘स्वस्थ नदियां : लाभ और खुशहाली’ विषय पर आयोजित सेमिनार के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे।
कहा कि अंग्रेजों के जमाने में भी इंजीनियर पैदल और घोड़ों से साइट पर जाया करते थे, लेकिन हमारे इंजीनियर मौके पर नहीं जाते। जेई-एई और उससे बड़े अधिकारी मौकेपर जाएं तो काम की गुणवत्ता में काफी सुधार हो सकता है।
'कुछ अधिकारियों की काम के प्रति है सकारात्मक सोच'
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उन्होंने कहा, कुछ अधिकारी काम के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं लेकिन अधिकतर फाइलों को रोकने में ही अपना दिमाग लगाते हैं। आईएएस अधिकारी तो अपना पूरा ज्ञान ही यह सोचने में लगा देते हैं कि कैसे फाइलें रोकी जा सकती हैं।
हम सचिव और प्रमुख सचिव पद पर इंजीनियरों की तैनाती की मांग जायज मानते हैं, लेकिन कुछ इंजीनियरों की आदत भी खराब है। पिछली बार इंजीनियरों के बारे में बोला था तो अखबारों ने काफी कुछ छापा।
चुनाव में इंजीनियरों से मांगा समर्थन
सिंचाई मंत्री ने कहा, यह न भूलें कि अगर हमारी सरकार नहीं आती तो बहुत से इंजीनियर एक्सईएन पद से ही रिटायर हो गए होते। हमने आपको प्रमोशन दिया तो अगले चुनाव में हमें भी देखना। फिर से आ गए तो और भी ज्यादा काम करेंगे।
उन्होंने कहा, फाइलें समय से आगे बढ़ें, यह देखने के लिए बहुत कम समय बचा है। अब चुनाव में जाना है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता। हमें उम्मीद है, कराए गए कामों की बदौलत फिर से हमारी सरकार बनेगी।