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सीएम के बाद शिवपाल का भी अफसरों पर बयान

Sun, 15 Nov 2015 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सहकारिता मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने ब्यूरोक्रेट्स और कुछ नेताओं पर सहकारिता आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया। कहा कि कुछ लोग अब भी सहकारिता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे लोग खुद सुधर जाएं वरना उन्हें सुधारना पड़ेगा। उन्होंने पदोन्नति और ट्रांसफर-पोस्टिंग में दलाली करने वालों को भी चेताया।
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शिवपाल शनिवार को सहकारिता भवन में 62वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के तहत कौशल विकास और रोजगार दिवस गोष्ठी में बोल रहे थे। इफ्को और यूपी को-ऑपरेटिव यूनियन की ओर से आयोजित गोष्ठी में उन्होंने सहकारिता विभाग की मासिक पत्रिका के विशेषांक का भी विमोचन किया।

उन्होंने कहा कि सहकारिता का मुख्य मकसद किसानों, गरीबों को खुशहाल बनाने के लिए उन्हें ट्रेनिंग और सुविधाएं देना है। जब तक किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक देश मजबूत नहीं हो सकता।
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किसान इस समय कमजोर ही नहीं, टूटा हुआ भी है। सहकारी संस्थाओं ने किसानों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत काम किया है, लेकिन सहकारिता आंदोलन को झटके भी लगते रहे हैं।

'सुधर जाएं तो अच्छा, वरना उन्हें सुधारना पड़ेगा'

सहकारिता को कमजोर करने वालों में जहां जनता के कुछ चुने हुए प्रतिनिधि शामिल हैं, वहीं ब्यूरोक्रेट्स भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने ठीक काम किया होता तो सही मायनों में सहकारिता के उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए होते।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब भी कुछ लोग हैं जो सुधरने का नाम नहीं ले रहे। वे खुद सुधर जाएं तो अच्छा, वरना उन्हें सुधारना पड़ेगा। उन्होंने कहा, कुछ अधिकारी काबिल हैं और ईमानदार भी। ऐसे अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

किसानों को तकनीकी शिक्षा जरूरी
शिवपाल ने कहा कि सहकारी संस्थाओं के ट्रेनिंग सेटरों में बहुत ज्यादा काम नहीं हो रहा है। किसानों को तकनीकी शिक्षा की बहुत जरूरत है। तकनीकी ज्ञान अब मोबाइल के जरिये भी दिया जा सकता है।

यदि किसान और खेती को मजबूती मिली तो बहुत सारे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। किसानों की ट्रेनिंग पर इफ्को ने काफी ध्यान दिया है।
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ट्रांसफर-पोस्टिंग में दलाली का जमाना गया

शिवपाल ने कहा, वह जमाना चला गया जब ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रमोशन में गड़बड़ियां होती थीं। यदि किसी की जानकारी में गड़बड़ी का कोई मामला आया हो तो उन्हें बताएं। हालांकि उन्होंने तुरंत ही कहा, थोड़ी-बहुत गड़बड़ियां अभी हैं। बिचौलिये ने दलाली ली होगी तो उन्हें दंडित किया जाएगा।

अब तो चपरासी के लिए भी मारामारी
शिवपाल ने कहा कि जब वे 12वीं में पढ़ते थे, तब युवा क्लर्क की नौकरी करने से मना कर देते थे। अब बीएससी, एमएससी और एमबीए पास चपरासी की नौकरी ढूंढ रहे हैं।

पदोन्नति में न लाएं परीक्षा
पूर्व सांसद और पीसीएफ के पूर्व अध्यक्ष छोटे सिंह यादव ने सहकारी समितियों के सचिवों के पदों पर स्थायी नियुक्ति के फैसले का स्वागत किया। इनमें 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जा रहे हैं और 50 फीसदी पदोन्नति से।

पदोन्नति से भरे जाने वाले पदों में परीक्षा ली जा रही है। यह एक्ट के मुताबिक नहीं है। उन्होंने पीसीएफ का गेहूं का बीज बिकवाने की मांग की।
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