शिवपाल ने कहा कि मायावती की तरह ही अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा (खुद शिवपाल) को धोखा दिया। इसलिए मायावती और अखिलेश का गठजोड़ ठगबंधन से ज्यादा कुछ नहीं है। चुनाव बाद ये दोनों पार्टिया अपने सांसदों का वोट बेचकर धन उगाही करेंगी।
प्रसपा संयोजक ने कहा कि उन्होंने पूर्व सांसद मो. अदीब को कांग्रेस से चुनावी समझौते के लिए बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने बैलट पेपर से चुनाव कराने की अपनी पार्टी की मांग भी दोहराई। एक सवाल के जवाब में शिवपाल ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वर्ष 2014 के चुनाव में सपा के किसी नेता ने ईवीएम हैकर्स से कोई बात की थी।
शिवपाल ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी भाजपा के हाथों खेल रहे हैं इसलिए मदरसों में आतंकी तैयार करने जैसे अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं। सच्चाई तो यह है कि कोई भी धर्म आतंकवाद का समर्थन नहीं करता और न ही इसके समर्थन की बात किसी ग्रंथ में लिखी है।
पूर्व राज्यसभा सांसद व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अदीब, ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल के महासचिव हाजी मोहम्मद सलीस, हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य सैय्यद मकसूद अशरफ , अधिवक्ता अशगर खान, राष्ट्रवादी समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जियाउल इस्लाम, सामाजिक कार्यकर्ता जावेद उमर फारूकी, नफीस अख्तर खान, हाजी अख्तर कमाल साहब, हाजी इश्तियाक अहमद निजामी, मुफरान अहमद चांद, इमरान अहमद, अब्दुल रज्जाक मंसूरी, सैय्यद हम्मान अशरफ, फैजुल हसन, इंद्रमणि उर्फ पप्पू यादव आदि।