सरदार वल्लभभाई पटेल की लीजेसी को अपनाकर पीएम पद तक का सफर तय करने वाले मोदी के रास्ते पर ही यूपी के लोकनिर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह चल पड़े हैं।
जैसे मोदी ने सरदार का सहारा लेकर देश के युवाओं से जुड़ने की कोशिश की थी। ऐसी ही कोशिश शिवपाल भी कर रहे हैं। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने शोषण विहीन और समानता पर आधारित समाज का सपना देखा था।
मौजूदा दौर में उनके विचार और ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं। वे मंगलवार को अपने निवास पर चंद्रशेखर आजाद की जयंती की पूर्व संध्या पर उनके जीवन दर्शन पर आधारित पुस्तक का विमोचन कर रहे थे।
देश की स्थिति पर विचार करें युवा
शिवपाल ने कहा कि आजाद ने स्वतंत्रता व समाजवाद के लिए शहादत दी। समाजवाद व स्वतंत्रता एक-दूसरे के पूरक हैं।
नई पीढ़ी को आजाद और अन्य सेनानियों के बारे में उपलब्ध साहित्य को पढ़ना चाहिए, उन पर बहस चलानी चाहिए।
यह देखना चाहिए कि क्या देश की स्थिति शहीदों की सोच के अनुरूप है?
शिवपाल ने चिंता जताते हुए कहा कि आजाद की विचारधारा पर अपेक्षा के अनुरूप चर्चा नहीं हुई।
ये सलाह दे गए शिवपाल
शिवपाल सिंह ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद पर नए सिरे से व्यापक चिंतन व लेखन की आवश्यकता है ताकि नई पीढ़ी के सामने सही तस्वीर आ सके।
इस अवसर पर समाजवादी चिंतक सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र, लुआक्टा अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय, उपनिवेशवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सपा नेता धर्मानंद तिवारी, राजू श्रीवास्तव और अजय त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।