वरिष्ठ काबीना मंत्री और सोशलिस्ट काउंसिल के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि संविधान की प्रस्तावना से पंथनिरपेक्षता और समाजवाद शब्द हटाना तो दूर, इन्हें हटाने की सोचना भी दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर केंद्र सरकार के विज्ञापन में पंथनिरपेक्षता व समाजवाद जैसे शब्द गायब होना और फिर शिवसेना द्वारा इन शब्दों को हटाने की मांग महज इत्तेफाक नहीं है।
उन्होंने कहा कि महान सेनानियों ने आजादी के बाद भारत को समाजवादी देश बनाने का सपना देखा था। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन में समाजवाद की पैरवी की थी।