सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने अखिलेश को पार्लियामेंट्री बोर्ड का चेयरमैन बना दिया है। इससे पहले अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे समर्थकों को मुलायम सिंह ने फटकार लगाई थी, उनका कहना है कि अखिलेश ने शिवपाल के विभाग क्यों लिए? अपने मन से काम नहीं होगा, पार्टी में लोकतंत्र है। वहीं कुछ देर पहले समर्थकों के बवाल के बीच सीएम अखिलेश यादव ने घोषणा की थी कि समर्थक नेताजी को परेशान न करें, शिवपाल यादव ही प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे। बता दें कि यादव परिवार में सुलह के बाद अब शिवपाल अखिलेश के समर्थक आमने-सामने आ गए। शनिवार सुबह से सपा कार्यालय के बाहर एक ओर ‘अखिलेश भइया जिंदाबाद’ के नारे लगे वहीं दूसरे ओर शिवपाल के समर्थकों ने भी नारेबाजी की। इसी बीच अखिलेश यादव के समर्थकों ने शिवपाल के नेतृत्व में काम करने से इंकार कर दिया। इसी बीच शिवपाल और अखिलेश के समर्थकों को बीच मारपीट की नौबत आ गई। मुलायम सिंह से मिलने जा रहे शिवपाल यादव को युवा कार्यकर्ताओं ने घेरने की कोशिश की। इस बीच सुरक्षाकर्मियों से समर्थकों की जमकर धक्का-मुक्की हुई और शिवपाल को वहां से निकाला गया। कुछ समर्थक मुलायम सिंह का घर घेरने पहुंच गए जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोका तो उनके बीच तीखी झड़प हुई। इसी बीच मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री को फोन करके समर्थकों के बवाल की जानकारी दी। सीएम ने सभी कार्यकर्ताओं को अपने आवास पर मिलने बुलाया और शिवपाल यादव के अध्यक्ष पद पर रहने की घोषणा कर दी। सीएम अखिलेश यादव पत्नी डिंपल के साथ शिवपाल यादव के घर लंच पर पहुंचे।
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प्रदर्शन करते कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
नारेबाजी और उपद्रव से नाराज मुलायम सिंह ने सीएम को फोन किया और उन्हें बवाल रुकवाने को कहा। सीएम ने सभी कार्यकर्ताओं को सीएम आवास बुलाया है। बता दें कि सपा के चारों युवा संगठनों ने ये संदेश मुलायम सिंह तक भेजा है। ये फैसला समाजवादी पार्टी के फ्रंटल अध्यक्षों ने लिया है।
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समर्थकों का प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
युवाजन सभा, लोहियावाहिनी, मुलायम ब्रिगेड और छात्रसभा के नेता अखिलेश के समर्थक हैं। अखिलेश के समर्थक डिंपल और अखिलेश के पोस्टर लेकर उन्हें दोबारा अध्यक्ष पक्ष देने और उनके सम्मान की वापसी की मांग कर रहे हैंं।
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प्रदर्शन करते कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
समर्थकों का कहना है, नेताजी ने सबका सम्मान वापस दिलवाया तो उन्हें अखिलेश यादव का सम्मान भी वापस दिलवाना चाहिए।
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कार्यकर्ता
- फोटो : amar ujala
बता दें कि पार्टी और सरकार के बीच घमासान रोकने के लिए शुक्रवार को मुलायम सिंह ने शिवपाल यादव के सभी विभाग वापस करने की घोषणा की थी।