2017 के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सभी कयासों को विराम देते हुए शीला दीक्षित को कांग्रेस की तरफ से यूपी सीएम पद के लिए उम्मीदवार घोषित किया गया है। माना जा रहा है प्रदेश में 14 फीसदी ब्राह्मणों को लुभाने के लिए ये फैसला लिया गया है।
गुरुवार को गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर के बीच मीटिंग के बाद शीला के यूपी कैंडिडेट होने की घोषणा की गई। यूपी कांग्रेस से सीएम पद का चेहरा बनने के बाद शीला ने कहा कि वह जीत के लिए पूरी मेहनत करेंगी।
उन्होंने कहा यूपी दिल्ली से बड़ा है और उनके लिए ये बड़ी चुनौती है। प्रियंका के प्रचार अभियान में भाग लेने के सवाल पर शीला दीक्षित ने कहा, प्रियंका यूपी में काफी लोकप्रिय हैं और उनकी राजनीति का तरीका भी पसंद किया जाता है। शिला ने कहा कि वह प्रियंका से प्रार्थना करेंगी कि वह लोगों के बीच में आएं और यूपी में प्रचार अभियान का हिस्सा बनें।
वहीं घोषणा के पहले 78 वर्षीय शीला दीक्षित से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो मैं लड़ूंगी। इसके साथ ही उन्होंने इसके साथ ही अपने यूपी कनेक्शन की ओर इशारा करते हुए साफ कर दिया कि वो यूपी की बहू हैं और उनके लिए इतना ही काफी है।