सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दूसरे दिन माधव सेवा आश्रम में रज्जू भैया सदन का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जो आदमी केवल अपने लिए जीता है वह पशु है, अगर मानव है तो संवेदना जरूरी होगी। मनुष्य मे संवेदना होगी तो सेवा करेगा, आरएसएस सेवा करने वाली एक संस्था है। समाज और देश के लिए काम कर रहा है।
आरएसएस का पहला काम सेवा करना है,1925 में स्थापना के बाद से सेवा चल रही है। स्वयंसेवक स्वयं की भावना से काम करते हैं। स्वयंसेवक मेवा पाने के लिए काम नहीं करते।
स्वंय सेवक समाज और देश की सेवा कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि रोटी,कपड़ा और मकान सबके पास हो।शिक्षा और स्वास्थ्य सबका अधिकार,सबको अधिकार दिलाना संघ का उद्देश्य है।