लखनऊ। अपने 100 साल पूरा करने वाले शिया पीजी कॉलेज मजलिस-ए-उलेमा के सचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा है कि कॉलेज को ऑटोनॉमी दिलाना, नैक मूल्यांकन कराना और बीकॉम ऑनर्स, बीएड, बीटीसी, बीजेएमसी, बीसीए आदि प्रोफेशनल कोर्स शुरू करना अगला लक्ष्य है। वे शताब्दी वर्ष समारोह के समापन अवसर पर कॉलेज के इतिहास पर बनी डॉक्यूमेंट्री के उद्घाटन समारोह के बाद प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने डॉक्यूमेंट्री का ऑनलाइन विमोचन किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में हमने सौ साल पूरे किए। कोरोना संक्रमण के कारण हम इस अवसर पर बहुत कार्यक्रम नहीं आयोजित कर सके। किंतु साल भर कुछ न कुछ कार्यक्रम किए गए। यह डाक्यूमेंट्री हमारे गौरवशाली इतिहास व विकास की गाथा को बता रही है। हमने अपने विद्यार्थियों को प्रदेश की बेस्ट डिजिटल लाइब्रेरी, मूट कोर्ट, फ्री वाई-फाई आदि की सुविधाएं दी हैं। अब आज की जरूरत के अनुसार प्रोफेशनल कोर्स भी शुरू करेंगे।
उन्होंने बताया कि कॉलेज ने बिना किसी सहायता के शुल्क से होने वाली आय से कई नए भवन, ब्लॉक, व्याख्यान कक्ष का निर्माण कराया है। वहीं खेलकूद की बेहतर सुविधा है और क्रिकेट स्टेडियम तक का निर्माण कराया गया है। कॉलेज नैक में जाने के लिए तैयार है, कोरोना के कारण इसमें देरी हुई है। कॉलेज प्रबंधक अब्बास मुर्तजा शम्सी ने कहा कि कॉलेज विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार एड ऑन कोर्स व रेमेडियल क्लासेज चला रहा है। कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रो. अजीज हैदर ने कहा कि हम बिना किसी भेदभाव के शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।
रक्षा मंत्री, राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री ने दीं शुभकामनाएं
कॉलेज के शताब्दी वर्ष के अवसर पर तैयार डॉक्यूमेंट्री में रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अपना शुभकामना संदेश दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि शताब्दी वर्ष किसी भी संस्थान के लिए गर्व का विषय है। शिया कॉलेज लगातार प्रगति कर रहा है। वह और नए मुकाम हासिल करे।