वाराणसी के शीतलाघाट पर बम रखने वाला इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू संगठन के शीर्ष कमांडर यासीन भटकल का खास भरोसेमंद है।
बिहार के समस्तीपुर जिला निवासी तहसीन के पास राज्य में मौजूद आईएम के माड्यूल में समन्वय व उसके संचालन की जिम्मेदारी थी। इसलिए यूपी एटीएस यासीन भटकल से पूछताछ करके तहसीन के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है।
गौरतलब है कि सात सितंबर 2010 को शीतलाघाट पर हुए धमाके के पीछे आईएम का हाथ होने की जानकारी खुफिया एजेंसियों को थी मगर यह विस्फोट किसने किया था, इसकी जानकारी इस साल जनवरी में हो सकी।
इस धमाके की जांच में एटीएस को एक विदेशी सैलानी द्वारा शीतलाघाट पर आरती से पहले और उसके दौरान बनाई गई एक वीडियो मिली थी।
इससे महज इतना ही पता चला था कि एक युवक वहां एक हैंडबैग लेकर आया और खाली हाथ लौट गया था। पर, वह युवक कौन था, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
इसी बीच एनआईए ने इस साल 21 जनवरी को बिहार के दरभंगा जिले के लहरियापुर निवासी दानिश अंसारी को गिरफ्तार किया। दानिश बिहार व आसपास के राज्यों में आईएम की गतिविधियों को संचालित करता था।
यूं हुई पहचान
दानिश से मिली जानकारी के आधार पर एनआईए ने अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर तहसीन के घर पर दबिश दी थी लेकिन वह नहीं मिला था। हालांकि वहां से तहसीन की फोटो जरूर मिल गई।
एनआईए ने यह फोटो यूपी एटीएस को भी दिखाई थी। एटीएस के अधिकारियों ने तहसीन के फोटो शीतलाघाट की वीडियो रिकार्डिंग से मिलान की तो बैग लेकर जाने वाले युवक से उसका हुलिया हूबहू मेल खा गया।
तब जाकर इस बात का खुलासा हो सका कि शीतलाघाट पर विस्फोटक रखने वाला तहसीन है। उधर तब तक यह जानकारी सामने आ चुकी थी कि तहसीन के भटकल का खास व भरोसेमंद है। एनआईए भी तहसीन को आईएम के वांछित सदस्यों के तौर पर तलाश रही है।
दस लाख का इनाम
यूपी एटीएस की पूछताछ में दानिश ने बताया था कि समस्तीपुर में आईएम का एक और बड़ा ओहदेदार तहसीन अख्तर सक्रिय है जो उसके साथ ही यासीन भटकल से भी जुड़ा हुआ है।
तहसीन के आईएम का सदस्य होने की जानकारी खुफिया एजेंसियों को पहले से ही थी लेकिन उसका सही पता व फोटो उनके पास नहीं था।
पिछले साल एनआईए ने जब आईएम के 12 आतंकियों पर इनाम घोषित किया था, उसमें तहसीन का नाम भी शामिल था। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी पर दस लाख का इनाम रखा हुआ है।