लखनऊ। केजीएमयू के शताब्दी फेज-2 की लिफ्ट रविवार रात फिर अटक गई। तीमारदार आधे घंटे तक इसके अंदर फंसे रहे। कुछ ही देर बाद लिफ्ट में लगा पंखा और लाइट भी बंद हो गई, जिससे तीमारदार घबरा गए। अलार्म बटन भी काम नहीं कर रहा था। इस पर तीमारदारों ने शोर मचाने के साथ लिफ्ट को पीटना शुरू किया। बाहर खड़े लोगों ने लिफ्ट ऑपरेटर को सूचना दी। इसके बाद सभी को सुरक्षित निकाला गया। तीन दिन पहले डॉक्टरों भी लिफ्ट में फंसे थे।
केजीएमयू के शताब्दी फेज-2 में आठ लिफ्ट हैं। इनमें से छह मरीजों और तीमारदारों के लिए हैं। दो लिफ्ट का इस्तेमाल डॉक्टर, कर्मचारी करते हैं। रविवार रात 10:30 बजे तीमारदारों को ऊपर ले जा रही चार नंबर लिफ्ट कुछ देर चलने के बाद अचानक बंद हो गई। लिफ्ट अटकने से अंदर मौजूद लोग घबरा गए। उन्होंने अलार्म बटन दबाने का प्रयास किया, लेकिन वह काम नहीं कर रहा था।
करीब आधे घंटे तक फंसे रहने के बाद तीमारदारों का सब्र जवाब देने लगा। उन्होंने शोर मचाने के साथ लिफ्ट को पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर बाहर मौजूद लोगों ने ऑपरेटर को सूचना दी। इसके बाद सभी को निकाला गया। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को इसी लिफ्ट में डॉक्टर व कर्मचारी दूसरे तल पर फंस गए थे। करीब दस मिनट बाद इन्हें निकाला जा सका था। इस घटना से भी अफसरों ने सीख नहीं ली।
टोल फ्री नंबर तक नहीं था : लिफ्ट में मदद के लिए टोल फ्री या ऑपरेटर का नंबर तक नहीं लिखा है। यहां बिजली विभाग लिफ्ट की मरम्मत का काम देखता है। आरोप है अफसर व ठेकेदार लिफ्ट की मरम्मत के नाम पर खेल कर रहे हैं। (माई सिटी रिपोर्टर)