लखनऊ। तीसरे जलकल की कठौता झील को पानी देने वाली शारदा सहायक नहर 16 मई की आधी रात से 28 दिन के लिए बंद कर दी जाएगी। इससे इंदिरानगर और गोमतीनगर की करीब पांच लाख की आबादी को झुलसाती गर्मी में पीने के पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। मरम्मत के काम के लिए नहर बंद किए जाने की जानकारी भी सिंचाई विभाग की ओर से जलकल विभाग को भेज दी गई है।
जब तक नहर बंद रहेगी तब तक कठौता झील में जमा पानी से ही इंदिरानगर और गोमतीनगर को पानी की आपूर्ति की जाएगी। नहर बंद रहने के दौरान पानी की किल्लत न हो, इसके लिए जलकल विभाग नलकूप चलाएगा। जरूरत पड़ी तो तीसरे जलकल से की जाने वाली सप्लाई में कटौती भी जाएगी।
तीसरा जलकल पूरी तरह शारदा सहायक नहर से मिलने वाले पानी पर निर्भर है। इस पानी को जलकल की कठौता झील में लाया जाता है। झील में जमा पानी से करीब एक महीने तक ही काम चलाया जा सकता है, वह भी तब जब आपूर्ति में कटौती की जाए। सामान्य तौर पर जब नहर चालू होती है तो तीसरे जलकल से इंदिरानगर और गोमतीनगर को सुबह- शाम मिलाकर 14 से 16 घंटे पानी की आपूर्ति टंकियों (ओवर हेड टैंक) और भूमिगत जलाशयों को भरने के लिए की जाती है।
जलकल का दावा-नहीं होगी किल्लत
जलकल के अधिशासी अभियंता अमरेंद्र सिंह का कहना है कि झील करीब 15 फीट गहरी है। इसमें जमा पानी से इंदिरानगर और गोमतीनगर को 28 दिन तक आपूर्ति की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर भरवारा झील और नलकूपों की मदद ली जाएगी। इधर बीच कई बार सिंचाई विभाग की ओर से की जाने वाली आपूर्ति सामान्य से कम रही है। यह समस्या नहर बंद होने से पहले तक न हो, इसके लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा गया है। मंगलवार को झील में 14 फीट पानी मिला।