साईं और शंकराचार्य विवाद एक बार फिर गरमाने जा रहा है। साईं के समर्थन में खड़े संतों पर कार्रवाई हो सकती है। नासिक कुंभ के दौरान इस पर बड़ा निर्णय लिया जाएगा। अखाड़े के संत इस बारे में किसी प्रकार के भ्रम को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि सनातन धर्म की मर्यादा का पालन सभी को करना होगा।
आपसी मतभेदों को दरकिनार करके ही बयानबाजी की जानी चाहिए। शुक्रवार को बाघम्बरी मठ गद्दी में अखाड़ों के संतों की सभा हुई। निरंजनी अखाड़े के सचिव, बाघम्बरी मठ गद्दी के महंत, सनातनधर्म रक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी नरेंद्र गिरि ने कहा कि ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर शंकरचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और गोवर्द्धनपीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, चार पीठ के शंकराचार्यों के प्रतिनिधियों, सभी अखाड़ों और सनातन धर्म के सभी संप्रदायों के संतों की मौजूदगी में कवर्धा धर्मसंसद के निर्णय ‘साईं न तो संत न गुरु न भगवान’ पर मुहर लगाई है।