फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन बच्चों के हाथ का छुआ सामान तक नहीं ये हेडमास्टर

Fri, 05 Feb 2016 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात के एक गांव में छुआछूत का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। प्राथमिक स्कूल के दलित बच्चों ने बताया कि स्कूल का ताला खुलवाने के बाद अध्यापक चाभी लेने से पहले उसे धुलवाते हैं।
विज्ञापन


कानपुर देहात के गजनेर क्षेत्र स्थित विरसिंहपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में दलित ग्राम प्रधान से छुआछूत का व्यवहार करने के मामले में बुधवार को तहसीलदार ने 20 गांववालों और बच्चों के बयान लिए।

एक बच्चे ने कहा कि हेडमास्टर जी स्कूल बंद होने के बाद हमसे ताला लगवाते हैं और चाबी धुलवाकर अपने हाथ में लेते हैं। मिड डे मील में सिर्फ चावल और नमक मिलता है।
विज्ञापन


बता दें कि सोमवार को ग्राम प्रधान पप्पी देवी और अन्य ने आरोप लगाया था कि वे मिड डे मील के बारे में जानकारी लेने प्राथमिक स्कूल गई थीं तो उनके जाने के बाद हेडमास्टर संतोष शर्मा ने कुर्सी धुलवाई थी और विवाद होने पर ग्राम प्रधान का हाथ मरोड़ दिया था।
विज्ञापन

ये बोले हेडमास्टर

मीडिया में मामला आने के बाद तहसीलदार राकेश कुमार जांच करने स्कूल पहुंचे तो बच्चों ने हेडमास्टर पर छुआछूत का भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। स्कूली बच्चों सजल, कुलदीप, लवकुश ने बताया कि मास्टर जी रोज चाबी धुलवाकर ही अपने हाथ में लेते थे।

ग्राम प्रधान पप्पी देवी ने कहा कि हेडमास्टर ने उनके हाथ से चाबी छीनी थी, जिससे उनके हाथ में चोट आ गई। तहसीलदार ने कहा कि रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपेंगे। उधर, बेसिक शिक्षाधिकारी डॉ. सच्चिदानंद यादव ने कहा कि तहसीलदार की रिपोर्ट पर हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर हेड मास्टर संतोष शर्मा ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं। मिड डे मील का धन आवंटन ग्राम प्रधान अपनी मर्जी से कराना चाहती हैं। न करने पर झूठे आरोप लगा रही हैं। बच्चों और ग्रामीणों को बहकाकर गलत बयानी करा रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें