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शक्ति की समृद्धि: विशेषज्ञ महिलाओं ने दिए बचत के टिप्स, बताए सही निवेश और ठगी से बचने के तरीके भी

Sun, 09 Mar 2025 07:36 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Shakti ki Smridhi: अमर उजाला की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम के तहत चार सत्र हुए। इस सभी सत्रों में विशेषज्ञ महिलाओं ने बचत और खर्च को लेकर एक्सपर्ट सलाह दी। 

 
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पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञ महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अमर उजाला की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम के तहत चार सत्र हुए। पहले सत्र ''बूंद-बूंद सी सिप'' में निपॉन इंडिया म्यूचुअल फंड की पदाधिकारी अनामिका माटे ने कहा कि हमारे देश की महिलाएं विकसित भारत के सपने का अनिवार्य स्तंभ हैं। इन्होंने हमेशा बचत को प्राथमिकता दी है। देश के वित्तीय क्षेत्र और धन प्रबंधन मामलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सुनहरे भविष्य का संकेत है। उन्होंने महिलाओं को सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में थोड़ा-थोड़ा निवेश करने को प्रोत्साहित किया। निवेश में कंपाउंडिंग की ताकत को शतरंज की बिसात और चावल के दानों की कहानी के जरिये समझाया।

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उन्होंने बताया कि देश के वित्तीय गतिविधियों में आज 33 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। निवेश के लिए खोले जाने वाले हर चार डीमैट खाते में एक खाता किसी महिला का है। यह बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। बताया कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों में लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं काम कर रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि महिलाओं को अपना वसीयत जरूर लिखना चाहिए। कहीं भी दस्तखत करने से पहले अच्छे से कागजात जरूर पढ़ लेना चाहिए।

संपत्ति के बजाय निवेश से मिले रिटर्न से करें प्रेम
समझदारी से कमाई के सत्र में स्टॉक मार्केट विशेषज्ञ धारा शाह ने कहा कि हमारे देश की महिलाओं में जबरदस्त वित्तीय नियोजन की क्षमता है। उन्होंने महिलाओं को निवेश के लिए कहानी के जरिये प्रोत्साहित किया। स्टॉक मार्केट में निवेश के शुरुआती टिप देते हुए कहा कि टूथपेस्ट से लेकर घड़ी, वाहन, कपड़े आदि जिन कंपनियों की चीजों का हम रोजमर्रा की जिंदगी में भरोसे के साथ इस्तेमाल करते हैं, उनमें निवेश करने से कभी नुकसान नहीं होगा। बताया कि फिक्स्ड डिपाॅजिट से कहीं बेहतर है कि सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये स्माल कैप फंड में हम थोड़ा-थोड़ा निवेश करें। शुरुआत एक हजार की मामूली रकम से भी कर सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि हमें संपत्ति से मोह में पड़ने के बजाय स्टॉक मार्केट में निवेश के बदले में मिले रिटर्न से प्यार करना चाहिए। निवेश में जोखिम और फायदे पर कहा कि निवेश से पहले विशेषज्ञों की राय जरूर लेनी चाहिए।

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साइबर ठगी से बचा सकती है जागरूकता

सत्र में मौजूद महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
कार्यक्रम में साइबर एक्सपर्ट कामाक्षी शर्मा ने गठरी में लागा चोर सत्र के तहत महिला श्रोताओं को साइबर ठगी के बढ़ते मामलों और इससे बचने के तरीके सुझाए। चेताया कि देश में रोजाना 180 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो रही है। जागरूकता में कमी इसकी बड़ी वजह है। सुझाव दिया कि कोई भी नया ऐप खुद से आश्वस्त होने के बाद ही डाउनलोड करें। ऐप के मांगे गए परमिशन को गौर से पढ़ें। मोबाइल की गैलरी आदि की अनावश्यक परमिशन न दें। किसी भी कस्टमर केयर का नंबर सीधे गूगल से न लें, बल्कि प्रामाणिक वेबसाइट से लें। बताया कि बिल्कुल असली दिखने वाले फेक ऐप या स्क्रीन शेयरिंग के जरिये भी ठगी हो जा रही है। कामाक्षी शर्मा देश भर में अब तक सात हजार से अधिक साइबर ठगी के मामले सुलझा चुकी हैं। सीबीआई व देश की पुलिस व अन्य एजेंसियां उनसे साइबर ठगी के मामलों में मदद लेती रही हैं। उनके जीवन पर जल्द की एक फिल्म बनकर आ रही है।

सहयोग की भावना से काम करना जरूरी
कार्यक्रम में- जीत जाएंगे हम विषय पर एक पैनल डिस्कशन भी हुआ। इस सत्र में आइटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स में विशेष सचिव नेहा जैन, उद्यमी आनंदी अग्रवाल व डॉ. स्निग्धा अग्रवाल के साथ हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. रचना गुप्ता चर्चा में शामिल हुईं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में देश भर में 12वीं रैंक लाने वाली नेहा जैन ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र या विधा नहीं, जिसमें स्त्रियां कामयाबी का परचम नहीं लहरा सकतीं। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं को आपस में सहयोग भावना से काम करना चाहिए। एक-दूसरे को गिराने का भाव नहीं होना चाहिए। कॅरिअर में एक बैकअप प्लान जरूर होना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. रचना गुप्ता ने कहा, आयोग में रहते हुए मैंने हमेशा ऐसी नीतियों पर काम किया कि किस तरह लोक प्रशासन में लड़कियों को मौका मिले। मेरे प्रयासों से लड़कियों के लिए आयोग की फीस माफ कर दी गई। उद्यमी आनंदी अग्रवाल व डॉ. स्निग्धा अग्रवाल ने बताया कि देश में उद्योग का क्षेत्र पुरुष प्रधान रहा। मैन्युफैक्चरिंग में सिर्फ 20 फीसदी महिलाएं ही नेतृत्व करने की स्थिति में हैं। ऐसे में महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दोनों ने सरकार द्वारा नीति निर्माण में महिलाओं की सुरक्षा पर और ध्यान देने की वकालत की।

अमर उजाला ने लॉन्च किया नासा
 परिवार की बचत, निवेश संबंधी मामलों में भी महिलाओं की राय क्यों न ली जाए? आखिर क्यों देश में 75 फीसदी घरेलू महिलाओं के पास अपनी कोई बचत नहीं है? आखिर क्यों सिर्फ 21 फीसद महिलाएं ही म्यूचुअल फंड में निवेश कर रही हैं? आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ही अमर उजाला ने नासा लॉन्च किया है। इस अभियान के भीतर वर्कशॉप, वेबिनार, पाठ्य सामग्री, निवेश विशेषज्ञों से सीधे बातचीत जैसे तमाम अवसर मुहैया कराए जाएंगे। इस अभियान में एएएफएम इंडिया अहम सहभागिता निभाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला आर्थिक सशक्तीकरण के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने में कारगर साबित होगा। अगर आप भी इस अभियान से जुड़ना चाहती हैं, तो इस नंबर 9354027995 पर एनएएसए लिखकर वाट्सएप या एसएमएस करें।


 
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