देशभर के चिकित्सा संस्थानों में सरकारी क्षेत्र के मल्टी स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के मामले में एसजीपीजीआई तीसरे स्थान पर है। जबकि केजीएमयू और लोहिया संस्थान को टॉप टेन में जगह नहीं मिली है। यह एक संगठन की ओर से किए गए सर्वे में खुलासा हुआ है।
सर्वे में देशभर के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की व्यवस्थाओं का आंकलन किया गया है। सरकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर बनाई गई रैंकिंग में टॉप 10 में एसजीपीजीआई को सातवां स्थान मिला है। पिछले साल भी इसी रैंक पर था। इसमें पहले स्थान पर एम्स दिल्ली है दूसरे स्थान पर क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लूर, तीसरे स्थान पर पीजीआई चंडीगढ़, चौथे स्थान अपोलो चेन्नई, पांचवें पर मेंदाता गुरग्राम, 6वें स्थान पर अपोलो दिल्ली है।
लखनऊ के टॉप टेन अस्पताल
सर्वे में लखनऊ के टॉप टेन अस्पतालों में भी एसजीपीजीआई को पहले स्थान पर रखा गया है और केजीएमयू को दूसरे स्थान पर। तीसरे स्थान पर लोहिया संस्थान है। इसी तरह चौथे पर अपोलो मेडिक्स, पांचवें पर विवेकानंद पॉलीक्लिनिक, छठवें स्थान पर बलरामपुर हॉस्पिटल, सातवें स्थान पर एरा मेडिकल कॉलेज, आठवें स्थान पर मेयो मेडिकल कॉलेज, नौवें स्थान पर अजंता हॉस्पिटल और दसवें पर चरक हॉस्पिटल है।
सभी की मेहनत का फल
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान ने कहा कि यह सभी संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है। अगले वर्ष की तैयारी शुरू कर दी गई है। मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था मुहैया कराकर और इलाज की नई तकनीक विकसित कर संस्थान को गतिशील बनाने का प्रयास किया जाएगा। कोशिश होगी कि देश में एसजीपीजीआई पहले स्थान पर आए।