लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई के पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटी विभाग के चिकित्सकों ने दो बच्चों में पाए गए दुर्लभ कैंसर व जटिल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नई जिंदगी दी है। दोनों बच्चे अब स्वस्थ हैं और उन्हें छुट्टी दे दी गई है। जटिल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत कुमार के नेतृत्व में की गई। संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने पूरी टीम को सफलता के लिए बधाई दी है।
केस - 1 : 70 फीसदी लिवर तक फैल चुका था कैंसर
डॉ. बसंत कुमार ने बताया कि अयोध्या के 10 माह के बच्चे के पेट में लगातार बढ़ रही गांठ की जांच में दुर्लभ लिवर कैंसर हेपेटोब्लास्टोमा का पता चला। ट्यूमर लिवर के 70 प्रतिशत से अधिक हिस्से में फैल चुका था और मुख्य रक्त वाहिका के बेहद करीब पहुंच गया था। पहले चार चक्र कीमोथेरेपी देकर ट्यूमर का आकार कम किया गया। इसके बाद छह घंटे तक चली सर्जरी में उसे सुरक्षित निकाला गया।
केस - 2 : 70 फीसदी लिवर तक फैल चुका था कैंसर
प्रयागराज के 11 वर्षीय बच्चे को पेट दर्द, बुखार और पीलिया की शिकायत के साथ संस्थान लाया गया। जांच में पैंक्रियाज के ऊपरी हिस्से में बड़ा ट्यूमर मिला, जो पित्त नली पर दबाव बना रहा था। बायोप्सी में इसकी पहचान एसपीईएन के रूप में हुई। चिकित्सकों के अनुसार यह ट्यूमर बच्चों में बेहद दुर्लभ होता है। आठ घंटे चली जटिल व्हिपल सर्जरी के जरिये ट्यूमर को पूरी तरह निकाल दिया गया।ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. बसंत कुमार के साथ डॉ. तरुण कुमार, डॉ. शुचि, डॉ. आनंद, लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट के डॉ. राहुल और डॉ. यश व एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. शिल्पी शामिल रहीं।
लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच
डॉ. बसंत कुमार ने कहा कि बच्चों में कैंसर के मामले अपेक्षाकृत कम होते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इनमें वृद्धि देखी जा रही है। यदि बच्चे के पेट में बिना दर्द की गांठ हो, लगातार पेट दर्द रहे, पीलिया हो, बार-बार बुखार आए या वजन न बढ़ रहा हो तो उसे तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाना चाहिए।
इन्हीं बच्चों का हुआ इलाज।