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फर्जी मार्कशीट बनाने वाला चला रहा था सेक्स रैकेट

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लखनऊ। फर्जी मार्क्सशीट और सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का सरगना मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगेराम सेक्स रैकेट भी चलाता था। इसका खुलासा पुलिस ने मंगलवार को किया। पुलिस ने दो दिन पहले मांगेराम के जालसाज गिरोह का खुलासा किया था। इसी गिरोह की महिला सदस्य सेक्स रैकेट संचालित करती थी। पुलिस ने उसे मंगलवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह दूसरे जिलों से किशोरियों व युवतियों को बहला-फुसलाकर लाते थे। उनको घर में बंधक बनाकर रखते थे। फिर उनसे अनैतिक कार्य करवाते थे। इस खुलासे के पीछे पिता-पुत्र के बीच का विवाद बड़ा कारण रहा है।
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डीसीपी पश्चिम सोमेन वर्मा के मुताबिक, अमीनाबाद पुलिस ने मंगलवार को इसका खुलासा करते हुए मनीष की सहायक व सेक्स रैकेट की सरगना मध्य प्रदेश दमोह जगथर निवासी श्यामा दासी उर्फ संध्या को गिरफ्तार किया है। यह अपने तीन साथियों के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की लड़कियों को बहला-फुसलाकर अनैतिक काम कराती थी। मनीष के खिलाफ मध्यप्रदेश की एक किशोरी ने बंधक बनाकर छह साल तक रेप का केस दर्ज कराया था। उसी की पड़ताल में पुलिस को इस सेक्स रैकेट की जानकारी हुई। छानबीन में सामने आया है कि यह अलग-अलग जिलों से छह से ज्यादा लड़कियों को लखनऊ लाकर गलत काम करवा रही थी।
अच्छा काम व शिक्षा दिलाने के नाम पर फंसाते थे
पुलिस के मुताबिक, मनीष सिंह ही सेक्स रैकेट का संचालक है। वह गरीब घरों की लड़कियों को पढ़ाने और अच्छा काम दिलाने का लालच देकर शहर लाता था। उसके बाद दासी व उसकी तीन साथियों की मदद से अनैतिक कार्य कराता था। इस दौरान पीड़िता पुलिस के पास न पहुंच जाएं, इसके लिए उन पर कड़ी निगरानी रखता था। उसके खिलाफ 13 फरवरी को एक किशोरी ने मुकदमा दर्ज कराया था जिसको मनीष छह साल पहले मध्यप्रदेश से पढ़ाने के नाम पर लाया था और बंधक बनाकर शोषण कर रहा था।
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