लखनऊ। कपूरथला चौराहे के पास फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ होने के बाद गिरोह के पीछे कई व्यापारियों की भूमिका भी सामने आई है। साइबर सेल की छानबीन में पता चला है कि अहमदाबाद, गोवा और पश्चिम बंगाल के कई व्यापारी गिरोह से लेनदेन करते थे। इसमें बीपीओ कंपनी के कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। पुलिस अब संदिग्ध व्यापारियों और बीपीओ कंपनी के अधिकारियों के बारे में पता लगा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरोह उन्हीं लोगों की भर्ती करता था, जो अंग्रेजी बोलने में तेज होते थे या जो कॉल सेंटर में काम कर चुके हों। बीपीओ कंपनी गिरोह को ऐसे कर्मचारी उपलब्ध कराती थी। गिरोह के संचालक कर्मचारियों को 15 दिन से एक माह तक प्रशिक्षण देते थे। इसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया जाता था। कर्मचारियों को रहने और खाने की सुविधा भी प्रदान की जाती थी। गिरोह एक दिन में 50 से 60 लोगों को निशाना बनाता था। इंस्पेक्टर ध्रुव कुमार का कहना है कि इस मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। गिरोह के संचालक प्रियांशु की तलाश की जा रही है। इसके पहले पुलिस ने मास्टरमाइंड देवेंद्र सिंह तोमर और उसके साथी हिमांशु को गिरफ्तार किया था।