बैठक में हुए निर्णय के आधार पर सभी विकास प्राधिकरणों और आवास बंधु के अधिकारियों से सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मियों का ब्यौरा मांगा गया है। इसमें केंद्रीयत और अकेंद्रीयत सेवा के पेंशनर्स पर हो रहे व्यय व अलग-अलग सेवा के लोगों पर होने वाले खर्च की जानकारी भी शामिल है।
वहीं, यह भी सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया है कि 31 जनवरी को अगर कटऑफ डेट माना जाए तो कितने केंद्रीयत और अकेंद्रीयत पेंशनर्स को 7वें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। एरियर के बाबत भी जानकारी मांगी गई है।
वर्तमान में विकास प्राधिकरणों में छठवें वेतनमान के तहत सभी सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन पर एक करोड़ 26 लाख 32 हजार 47 रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहा है। यानी सालाना पेंशन और पारिवारिक पेंशन पर 15 करोड़ 15 लाख 84 हजार 564 रुपये खर्च हो रहा है।
सातवां वेतनमान के आधार पर भुगतान किए जाने पर इसमें सालाना 3 करोड़ 84 लाख 64 हजार 608 रुपये अतिरिक्त व्ययभार संभावित है।