लखनऊ। साइकिल से घर लौट रही 12 वर्षीय नाबालिग को रोककर दुराचार के प्रयास करने के आरोपी रामबाबू उर्फ बबलू यादव को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद मिश्र ने सात वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने जुर्माने की पूरी राशि प्रतिकर के तौर पर नाबालिग के वयस्क होने तक फिक्स डिपॉजिट में रखने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने जैसा अपराध किया है, उससे समाज में छोटे-छोटे बच्चों को लेकर एक भय व्याप्त हो रहा है। लिहाजा छोटे बच्चे अपने बचपन को स्वछंद होकर नहीं जी पा रहे हैं। कोर्ट में सरकारी वकील सुखेन्द्र प्रताप और अभिषेक उपाध्याय ने तर्क दिया कि पिता ने इटौंजा थाने में 26 जून 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।