सोसाइटी की प्रमुख मेनका, सचिव डैनी व अन्य लोगों की मदद से बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया गया था। सोसाइटी के लोगों ने बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कराते हुए तहकीकात की। बच्ची ने जुल्म की जानकारी दी। शरीर पर जलाए जाने के निशान दिखाए।
महिला के बेटे पर भी प्रताड़ना का आरोप लगाया। मंगलवार को पीड़ित महिला बच्ची के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुई। उसने आरोप लगाया कि महिला उसे बेटी नहीं लौटा रही और साल भर से मिलने तक नहीं दिया। वहीं आरोपी महिला का कहना है कि बच्ची की बड़ी बहन उनके घर पर चौका-बर्तन करती है।
बच्ची को भी अपने घर में रख लिया था। उसका नया नाम रखा और परवरिश करने लगी। बच्ची मां के पास नहीं जाना चाहती थी। महिला ने टीम को बताया कि वह पहले भी सात बालिकाओं को घर पर रख चुकी है। उन्हें शिक्षा दिलाकर शादी करवाई है।