प्रदेश सरकार ने सूबे के आठ जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। इनमें बुंदेलखंड के सात जिले और कानपुर नगर जिला शामिल हैं। प्रदेश में रबी फसल के दौरान बारिश न होने से किसानों के नुकसान की सूचना पर केंद्र सरकार ने पिछले महीने प्रदेश सरकार से सूखे की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी।
इसपर शासन ने जिलों से रिपोर्ट मांगी, तो बुंदेलखंड के ललितपुर को छोड़कर छह जिलों और कानपुर नगर में 33 फीसदी से अधिक फसलों के नुकसान की बात सामने आई।
इन सात जिलों में 1,261 करोड़ के नुकसान का हवाला देते हुए केंद्र से सहायता मांगी गई। पर, जिलों को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया। इससे केंद्र सरकार मेमोरंडम की जांच के लिए अपनी टीमें नहीं भेज पा रही थी।