लखनऊ। जिले में उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के साथ सभी किसानों को उचित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए किसानों को अधिकतम प्रति हेक्टेयर सात बैग यूरिया और पांच बैग डीएपी मिल सकेगी। उर्वरक के साथ किसी तरह के अन्य प्रोडक्ट की टैगिंग और ओवररेटिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी। उप निदेशक कृषि की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि जिले में सभी प्रमुख रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है और खरीफ सीजन के लिए कमी की स्थिति नहीं है। शासन के निर्देश पर जिला, तहसील, विकासखंड और न्याय पंचायत स्तर पर निगरानी समितियां सक्रिय हैं, जो नियमित रूप से बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर रही हैं।
किसानों की मदद के लिए कंट्रोल रूम शुरू
जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरक से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलास्तर पर कंट्रोल रूम और हेल्पडेस्क स्थापित की गई है। किसी भी प्रकार की शिकायत, कालाबाजारी या उर्वरक उपलब्धता से जुड़ी जानकारी के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 9198938099 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिले में उर्वरक उपलब्धता एक नजर में
यूरिया 9360 क्विंटल के सापेक्ष 96310 क्विंटल
डीएपी 5340 क्विंटल से 67050 क्विंटल
एनपीके 630 क्विंटल के सापेक्ष 36070 क्विंटल
एमओपी 900 क्विंटल के सापेक्ष 6860 क्विंटल