1997 बैच की आईएएस अधिकारी कामिनी ने कई जिलों में डीएम के रूप में अभिनव प्रयोग किए, जिन्हें बाद में सरकार ने प्रदेश स्तर पर लागू किया। इनमें बुलंदशहर में टीकाकरण व पोषण को बढ़ावा देने के लिए गोद भराई, खीर खिलाई, जन्मदिवस व सबला-सलोनी पहल, प्राइमरी स्कूल व आंगनबाड़ी के बच्चों के दोपहर के भोजन के लिए ‘बाल रसोई’, 2007 में सहारनपुर में स्कूलों में लकड़ी की जगह रसोई गैस से खाना बनाने की शुरुआत, स्कूली बच्चों को जनसहयोग से थाली-चम्मच दिलाने जैसे काम हैं।