सूबे में कौशल विकास मिशन के तहत बेरोजगार युवकों का पंजीकरण महज एक महीने में ही बंद कर दिया गया।
दरअसल राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में निशुल्क प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिलने की गारंटी दी गई थी।
नतीजतन 10 जनवरी को पंजीकरण शुरू होते ही बेरोजगारों की भीड़ टूट पड़ी। पहले साल 5.92 लाख युवाओं को प्रशिक्षण व रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया था।
लेकिन लक्ष्य के मुकाबले महज एक महीने में ही पंजीकरण का आंकड़ा 40 लाख पहुंच गया। मजबूरन नए पंजीकरण पर रोक लगा दी गई है। अब केवल विशेष वर्गों में ही पंजीकरण होगा।
लक्ष्य से अधिक पंजीकरण के होने के बाद मिशन के अधिकारी इस बात पर विचार कर रहे हैं कि 40 लाख में से प्रशिक्षण के लिए 5.92 लाख युवकों का चयन किस आधार पर किया जाए।
गौरतलब है कि युवाओं की बेरोजगारी दूर करने के लिए कौशल विकास मिशन का उद्घाटन दिसंबर में किया गया था।
इसके लिए केंद्र ने राज्य सरकार को 4,200 करोड़ रुपये दिए हैं। मिशन के तहत बेरोजगार युवाओं को www.upsdm.org पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना था।
इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण देकर रोजगार भी दिलाया जाना है। इसके लिए सूबे के 42 बड़े संस्थानों के साथ पॉलीटेक्निक व वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर (वीटीपी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब 28 शुरू होगा प्रशिक्षण
कौशल विकास मिशन के कैलेंडर के मुताबिक बेरोजगार युवाओं का प्रशिक्षण 15 फरवरी से शुरू होना था।
लेकिन प्रशिक्षणदाता संस्थानों की तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण इसे 28 फरवरी कर दिया गया है। इसके लिए तैयारियां जोरों पर है।