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एक कंपनी के नौकर की शातिराना करतूत, शौचालय में नौ लाख छिपाकर, गढ़ी लूट की कहानी

Fri, 20 Jul 2018 04:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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आरोपी वरुण - फोटो : amarujala
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लखनऊ में हजरतगंज स्थित फार्मेसी कंपनी चलाने वाले कारोबारी ने बृहस्पतिवार को नौकर वरूण को नौ लाख रुपये जमा करने को दिए। रुपये मिलते ही वरुण की नीयत फिर गई। उसने सार्वजनिक शौचालय की फॉल्स सीलिंग में रकम छिपा दी और फिर खुद को ब्लेड से घायल कर लिया।
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इसके बाद लूट की सूचना मालिक को दी। पुलिस को सूचना दी गई। पड़ताल शुरू हुई, सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। एक-एक कर हकीकत सामने आने लगी। वरुण को लगी चोट पर पुलिस को संदेह हुआ और सख्ती हुई तो उसने रकम छिपा कर लूट की कहानी रचने का सच उगल दिया। रकम बरामद कर पुलिस ने नौकर को गिरफ्तार कर लिया। 

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि राजाजीपुरम निवासी प्रवीण कुमार ने पीकेपी फार्मेसी प्राइवेट लि. के नाम से मई में तेज कुमार प्लाजा में एजेंसी खोली। उन्होंने एजेंसी में काम करने केलिए कैसरबाग के खंदारी बाजार निवासी वरूण प्रभाकर को नौकर रखा। प्रवीण के मुताबिक, इस एजेंसी में एक परिचित की पत्नी भी हिस्सेदार है।
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बृहस्पतिवार को उन्होंने नौकर वरूण को आईसीआईसीआई बैंक में नौ लाख रुपये जमा करने केलिए भेजा। प्रवीण ने रकम जमा करने की पर्ची खुद भरी और 500-500 रुपये के 18 गड्डी एक पिट्ठू बैग में रखकर वरूण को भेजा। वरूण एजेंसी से निकलकर प्लाजा के सार्वजनिक शौचालय में गया।

वहां उसने बैग से रुपये निकालकर फॉल्स सीलिंग के टूटे हुए हिस्से में छिपाए और खाली बैग लेकर बैंक के लिए निकला। वहीं शाम को वारदात का खुलासा होने पर आईजी रेंज सुजीत पांडेय  और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने पुलिस टीम को 25-25 हजार रुपये का इनाम दिया।
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चोट के तरीके से हुआ संदेह

डेमो
प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि वरूण की दोस्ती एक युवती से है। वह उसके महंगे शौक पूरे नहीं कर पा रहा था। खुद भी ब्रांडेड कपड़े पहनने और महंगे होटलों में खाने का शौकीन था, इसीलिए उसने रकम हड़पने की योजना बनाई थी। क्षेत्राधिकारी अभय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी वरूण को दो दिन पहले ही मालूम था कि बृहस्पतिवार को बड़ी रकम बैंक में जमा करने जाना है।

एजेंसी मालिक ने उसे बता दिया था। रकम की भी उसे जानकारी थी। उसने इस रकम को हड़पने के लिए लूट की कहानी बना ली थी। बुधवार को इसके लिए उसने कैसरबाग के एक दुकान से ब्लेड भी खरीदा। मौके पर कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला कि जो लूट होते देखा हो। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि वरूण के दाहिने हाथ पर चोट के निशान थे।

निशान देखने केबाद ही संदेह हो गया। उन्होंने फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी चोट की तस्वीर भेजकर राय ली गई। एक्सपर्ट की राय आने के बाद पुलिस ने वरूण से पूछताछ में सख्ती की। अपर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक वरूण ने खुद को ब्लेड से घायल किया। दूसरा कोई घायल करता तो चोट ऊपर से नीचे की तरफ आता, जबकि चोट नीचे उसे ऊपर की तरफ लगा है।

एसएसपी ने बताया कि एजेंसी से बैंक की दूरी महज सवा सौ मीटर है। यह दूरी सामान्य रूप से पैदल पांच मिनट में ही पूरी कर ली जाती है। वरूण ने यह दूरी 18 मिनट में तय की। वह 1.30 बजे एजेंसी से निकला। इसके बाद 1.48 बजे मालिक को लूट होने की सूचना दी। इस बीच उसने उत्तर रेलवे के डीआरएम कार्यालय के सामने पहुंचकर खुद को ब्लेड से घायल भी कर लिया। 
 
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