प्रदेश में कोरोना संक्रमण का सामुदाय में वायरस की प्रकृति व स्तर का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सीरोलॉजिकल सर्वे कराएगा। 5 अगस्त से इसकी शुरुआत की संभावना है। इसमें लोगों के रैंडम खून के नमूने लेकर एंटीबॉडी की जांच होगी।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग एक लाख किट खरीद रहा है। सर्वे में आगरा, मेरठ सहित ऐसे जिलों का शामिल किया जा रहा है जहां संक्रमण पीक पर जाने के बाद अब कम हो रहा है या हो गया है। ऐसे भी जिले लिए जाएंगे, जहां तेजी से संक्रमण बढ़ा है।
विभाग का मानना है कि संक्रमण को आगे बढ़ने से रोकने या जोखिम के स्तर के बारे में वास्तविक डाटा का पता लगाने का एकमात्र तरीका लोगों में एंटीबॉडी की उपस्थिति का परीक्षण है। सीरो सर्वे एक विश्व स्तर पर इस्तेमाल किया जाने वाला विश्वसनीय मानक है। जो एक निश्चित संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी के लेवल को मापता है।
इस तकनीक का उपयोग इसलिए भी किया जाता है कि बड़े पैमाने पर टीकाकरण की जांच की जा सके और लोगों की प्रतिरोधक क्षमता का स्तर देखा जा सके। देश में दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सीरो सर्वे पहले से हो रहे हैं।