डॉ. एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में रैगिंग से तंग बी-फार्मा प्रथम वर्ष की छात्रा के तीसरी मंजिल से कूदने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इसमें कॉलेज प्रशासन व सीनियर्स पर छात्रा को खुदकुशी के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया है। उधर, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती छात्रा की हालत अब भी नाजुक बनी है। उसके पिता ने आला अफसरों से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एसओ ठाकुरगंज शशिकांत यादव ने बताया कि डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज में बी-फार्मा प्रथम वर्ष की छात्रा सुम्बुल इसहाक (19) ने मंगलवार सुबह कॉलेज में तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी।
सआदतगंज के कटरा विजन बेग निवासी उसके पिता अबू इसहाक ने कॉलेज प्रशासन व सीनियर्स पर अपनी बेटी को खुदकुशी के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी।
जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर तहकीकात की जा रही है। पीडब्लूडी में क्लर्क अबू इसहाक ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी सुम्बुल इसहाक ने इंटरमीडिएट परीक्षा में 86 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
पढ़ाई में शुरू से अव्वल रही सुम्बुल का 18 अगस्त को डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज में बी-फार्मा प्रथम वर्ष में दाखिला कराया था। टीचर ने अंग्रेजी में कमजोर होने का ताना देकर परेशान करना शुरू किया और सीनियर्स रैगिंग कर रहे थे।
इससे सहमी सुम्बुल कॉलेज जाने में हिचक रही थी। उसे काफी समझाकर सोमवार को नक्खास से कॉलेज बस में बैठाया। अगले दिन भाई ने उसे बस तक छोड़ा। घर से निकली तो सामान्य थी।
अबू इसहाक का कहना है कि सुम्बुल ने उन्हें फोन करके सीनियर्स द्वारा तंग करने की जानकारी दी थी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने फोन पर सुम्बुल के तीसरी मंजिल से गिर जाने की सूचना दी।
एसओ का कहना है कि कूदने की असल वजह जानने के लिए छात्रा की हालत में सुधार का इंतजार है। उसके बयान काफी महत्वपूर्ण होंगे। दूसरी तरफ पुलिस की एक टीम कॉलेज में तहकीकात कर रही है।
दरअसल, 18 अगस्त को दाखिला लेने के बाद सुम्बुल चार-पांच बार कॉलेज गई थी। इसलिए उसकी कोई बहुत गहरी सहेली भी नहीं है। प्रथम वर्ष की अन्य छात्राओं से बातचीत की जा रही है।
उधर, ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सुम्बुल की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि जबड़े व सिर पर चोट के चलते 48 घंटे तक विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।