लखनऊ। सीएमओ कार्यालय के बाहर चस्पा पोस्टर ने खलबली मचा दी। इसमें एक जूनियर डॉक्टर की ताजपोशी व उसकी काले कारनामों की सूची छापी गई थी। लेवल-1 डॉक्टर की कथित तैनाती पर सवाल खड़े किए गए। पोस्टर में जूनियर डॉक्टर को सरकारी गाड़ी व कमरा आवंटित करने का मामला भी उठाया गया था।
पोस्टर में दावा किया गया है कि डॉक्टर की सीएमओ कार्यालय में नियमों के विपरीत तैनाती की गई है। उसे सरकारी वाहन और कार्यालय में कमरा भी उपलब्ध कराया गया है। प्राइवेट नर्सिंग होम में विजिट कर गड़बड़ी करने के आरोप भी लगाए गए। कई विधायकों ने मामले की शिकायत की। इसके बावजूद शिकायतें दबा दी गईं। पोस्टर में अखबार की कटिंग, शिकायत पत्र और कुछ तस्वीरें भी लगाई गई हैं। आरोप बिन्दुवार लगाए गए हैं। हालांकि, इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी भी मसले पर जवाब देने से बचते रहे। स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज होने पर कर्मचारियों ने पोस्टर हटवाए। पोस्टर लगाने वाले की पहचान और आरोपों की सच्चाई की जांच की जा रही है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।