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लखनऊ से लेकर पश्चिमी यूपी तक फैला नेटवर्क: तिहाड़ जेल से चल रहा 30 प्रतिशत कमीशन पर जाली नोटों का कारोबार

Mon, 04 Apr 2022 12:47 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

तिहाड़ जेल में बंद सीरियल किलर सलीम के गुर्गे लखनऊ से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक जाली नोटों का कारोबार कर रहे हैं। गुर्गों के पास से नकली नोट पकड़े गए थे। इसकी पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट में हुई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तिहाड़ जेल से जाली नोटों का कारोबार संचालित किए जाने का मामला आया है। यह कारोबार तिहाड़ जेल में बंद सीरियल किलर सलीम के गुर्गे लखनऊ से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैला रहे हैं। जाली नोटों की बिक्री व तस्करी पर वह 30 प्रतिशत कमीशन लेता है। तस्करी से हुई कमाई का हिस्सा जेल में बंद सलीम तक पहुंचाया जाता है।

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जनवरी में आलमनगर पुल के पास से पकड़े गए सलीम के गुर्गे के पास से जो 500 और 50 के नोट बरामद हुए थे, वह नकली थे। इसकी पुष्टि फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट में भी हो गई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने सीरियल किलर भाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।

एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, वेंडरों के साथ ही सलीम के अन्य गुर्गों की तलाश में सर्विलांस समेत पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। यह इनपुट पुलिस को बीते दिनों तालकटोरा पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सलीम के गुर्गे फरहान से मिला है। फरहान के साथ सलीम के अन्य गुर्गे भी इस काम में संलिप्त थे। फरहान ने नोटों की तस्करी के लिए कई वेंडर बना रखे थे। वह एक स्थान से दूसरे स्थान पर नोट पहुंचाने का काम करते हैं। इसके बदले में वेंडर को कमीशन दिया जाता है।
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सलीम व उसके भाइयों पर भी होगी कार्रवाई
एडीसीपी पश्चिम के मुताबिक इस मामले में तिहाड़ में बंद सलीम के अलावा उसके भाई रुस्तम और सोहराब के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जाली नोटों की तस्करी में तीनों की शामिल हैं। साजिश रचने, नोटों की तस्करी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। गिरोह में सलीम के एक रिश्तेदार और कई अन्य लोगों के जुड़े होने की जानकारी भी मिली है। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है। सीरियल किलर भाइयों का नेटवर्क कैंट इलाके से लेकर पुराने लखनऊ तक फैला है। इस गिरोह में 20 से 45 साल के युवक शामिल है। जो जाली नोटों के कारोबार के साथ ही सीरियल किलर भाइयों के लिए रंगदारी व अवैध वसूली का काम करते हैं।

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