उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन जीपी शर्मा ने बताया कि इलाहाबाद और एटा के उक्त दोनों परीक्षा केंद्रों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। दोनों परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए टीसीएस, केंद्र व्यवस्थापक और भर्ती बोर्ड के ओर से तैनात किए गए कर्मियों व विजिलेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
शर्मा ने बताया कि टीसीएस की ओर से दोनों सेंटर के कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। शर्मा ने बताया कि परीक्षा से पहली निर्देश पुस्तिका सभी केंद्रों को दी गई थी, जिसमें कौन सा बाक्स कब खोलना है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया था। साथ ही इसकी ट्रेनिंग भी दी गई थी। निर्देश पुस्तिका में यह भी यह भी स्पष्ट किया गया था कि इसके बाद भी अगर कोई गलती करता है तो उसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा।
भर्ती बोर्ड ने भविष्य में इन केंद्रों पर परीक्षा न कराए जाने की सिफारिश की है साथ ही सरकार को भी लिखा है कि इन केंद्रों पर अन्य कोई परीक्षा भी न कराई जाए।
इंस्पेक्टर होंगे निलंबित और अपर पुलिस अधीक्षक से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
भर्ती बोर्ड ने डीजीपी मुख्यालय को पत्र लिखकर संबंधित जिले के अपर पुलिस अधीक्षकों से भी स्पष्टीकरण लेने की बात कही है। जीपी शर्मा ने बताया कि दोनों सेंटर पर पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की मांगी की है।
जीपी शर्मा ने बताया कि इस मामले में परीक्षा कराने वाली कार्यदायी एजेंसी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से भी जवाब मांगा गया है। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया है निरस्त हुई परीक्षा को दोबारा कराने की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी की होगी।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला तो लेना पड़ा निर्णय
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में दो याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई कि परीक्षा के दौरान कई स्थानों पर एक एक ही तरह के पेपर दोनों पारियों में वितरित किए गए। इसके लिए सुबूत के तौर पर एटा और इलाहाबाद सेंटर का उदाहरण दिया गया। न्यायालय कोई निर्णय देता उससे पहले ही भर्ती बोर्ड ने शासन से विचार करने के बाद द्वितीय पारी की परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया।
जनवरी में निकली इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 41,520 पदों के लिए 22,78,184 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके लिए प्रदेश के 56 जिलों में 860 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी जिलों में अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अफसर को नोडल अधिकारी नामित किया गया था। दो दिनों में चार पालियों में संपन्न कराई गई इस परीक्षा में 18,94,766 अभ्यर्थी शामिल हुए थे और 3,83,418 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे।
दो महीने तक विलंब हो जाएगी पूरी प्रक्रिया
सूत्रों का कहना है कि एक पारी की परीक्षा निरस्त होने से पूरी प्रक्रिया लगभग दो माह विलंब हो जाएगी। वर्ष 2018 के लिए हो रही भर्ती की यह प्रक्रिया अक्तूबर तक पूरी होने का अनुमान लगाया गया था। लेकिन एक पारी की परीक्षा के निरस्त होने से इस पूरी प्रक्रिया में दो माह तक का विलंब होने की संभावना जताई जा रही है।