डॉ. रीता भाटिया (फाइल फोटो)
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अपर निदेशक परिवार कल्याण डॉ. रीता भाटिया ने बृहस्पतिवार देर शाम को सल्फास खाकर जान दे दिया है। खुदकुशी के वक्त वह रायबरेली के प्रकाशनगर स्थित आवास पर परिवार के साथ थी। परिवारीजनों के मुताबिक काफी दिनों से डिप्रेशन में थी। जिसका इलाज भी चल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रायबरेली के प्रकाशनगर निवासी डॉ. रीता भाटिया लखनऊ के वजीरगंज स्थित महिला एवं परिवार कल्याण निदेशालय में बतौर अपर निदेशक तैनात थी। बृहस्पतिवार शाम को 6 बजे उन्होंने रायबरेली स्थित आवास पर सल्फास खा लिया। इसकी जानकारी होने पर पति रिटायर चिकित्सक डॉ. एसपी खन्ना व परिवारीजन उनको जिला अस्पताल लेकर गये। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंचे शहर कोतवाल अतुल सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इंस्पेक्टर अतुल सिंह के मुताबिक पड़ताल में सामने आया कि अपर निदेशक डॉ. रीता भाटिया ने सल्फास की गोली खाकर खुदकुशी की है। वहीं सीओ सदर महिपाल पाठक के मुताबिक परिवारीजनों ने पूछताछ में बताया कि वह काफी दिनों से डिप्रेशन में थी। जिसका इलाज भी चल रहा था। इसी कारण वह सिर्फ जरूरी काम से ही निदेशालय जाती थी। मामले की जांच की जा रही है। जो भी साक्ष्य मिलेंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
महिला चिकित्साधिकारी के खुदकुशी पर अस्पताल में लगी भीड़
अपर निदेशक डॉ. रीता भाटिया रायबरेली में जिला महिला अस्पताल में बतौर सीएमएस तैनात थी। काफी लंबे समय तक यहां रहने के कारण उनके कर्मचारियों व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से संबंध थे। उनके खुदकुशी करने की जानकारी मिलने पर कई वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पहुंच गये। देर रात तक लोगों का जमावड़ा अस्पताल में बना रहा।