यूपी में औद्योगिक विकास तभी होगा जब तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। यह तकनीक मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों (एमएसएमई) में उपयोग करनी होगी। इसी से ही छोटे उद्यमियों के साथ यूपी तरक्की कर सकेगा।
बुधवार को पर्यटन भवन में एमएसएमई सेक्टर का यूपी में विकास विषय पर एक सेमिनार लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन (एलएमए) ने किया।
इसकी अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त और एलएमए के अध्यक्ष आलोक रंजन ने की। सेमिनार के मुख्य अतिथि वेयर हाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेग्युलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन दिनेश राय थे।
दिनेश राय ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ही हमने क्लस्टर डेवलपमेंट की पहल की है। उन्होंने कहा कि यूपी को इसमें अपनी भागीदारी करनी चाहिए।
अध्यक्ष आलोक रंजन ने इस दौरान यूपी में एमएसएमई की संभावनाओं और चुनौतियों पर उद्यमियों से बात की। उनका कहना था कि यूपी सरकार उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए नई उद्योग नीति बना चुकी है।
संयुक्त विकास आयुक्त एमएसएमई रमेश कुमार पांडेय ने मार्केटिंग, खरीद प्रक्रिया, तकनीक और भुगतान में देरी की वजह से आने वाली दिक्कतों की जानकारी दी।
वहीं प्रमुख सचिव एमएसएमई एमके गुप्ता ने राज्य सरकार की इन स्थितियों में तैयारियों के बारे में बताया।
यूपीएसआईडीसी के एमडी मनोज सिंह, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव नीरज सिंघल, एसबीआई के जीएम रमेश बाबू मौजूद रहे।