अगर गिरते हुए रुपये को उबारना है तो पेट्रोल में कम से कम 5 से 10 प्रतिशत तक एथेनॉल मिलाना होगा।
रुपये के गिरने से खरीदे जाने वाले क्रूड ऑयल की बिलिंग बढ़ रही है, इससे कर्जा बढ़ा रहा है। इस दुष्चक्र को तोड़ने के लिए पेट्रोल में एथेनॉल मिलाना होगा।
इससे इमपोर्ट की बिलिंग घटेगी और देश भर में चीनी मिल जहां पर एथेनॉल बन रहा है। दूसरा उपाय यह करें कि ऐसे देश जहां पर डालर नहीं चलता है जैसे चीन उससे समझौता करें कि वह रुपए को अपनी करेंसी के बराबर एक्सेप्ट करे।
तभी देश में गिरते हुए रुपए को उबारा जा सकेगा। यह सुझाव अर्थ जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने लविवि के मालवीय सभागार में इंडस्ट्री इंटरफेस प्रोग्राम में दिए।
सीआईआई के पूर्व चेयरमैन किरण चोपड़ा, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबी निमसे इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस के ओएसडी प्रो. अरविंद मोहन और लविवि के प्रति कुलपति प्रो. एके सेन गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त किये।