वहीं हाईस्कूल-इंटर की तरह स्नातक के विद्यार्थी अपने पास के ही कॉलेज में दाखिला नहीं लेते हैं। ऐसे में किसी भी केंद्र पर परीक्षा हो, लेकिन उनको आना-जाना तो पड़ेगा ही। काफी विद्यार्थियों को 200-300 किमी की यात्रा करके अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
कोरोना के कारण ट्रेन और हवाई जहाज की सुविधा न होने की वजह से वे एक दिन में यात्रा नहीं पूरी कर सकेंगे। फिर अगर वे परीक्षा केंद्र पर पहुंच भी गए तो दिनभर परीक्षा के बाद उन्हें तुरंत लौटना पड़ेगा। यही वजह है कि छात्र एक दिन में पेपर कराने का विरोध और हॉस्टल में रुकने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
एकेटीयू ने भले ही छात्रहित में बहु विकल्पीय प्रणाली (एमसीक्यू) पर परीक्षा कराने का निर्णय लिया हो लेकिन विद्यार्थी इससे काफी परेशानी में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इस आधार पर परीक्षा नहीं दी। एकेटीयू या कॉलेज उन्हें नहीं बता रहा है कि एमसीक्यू की तैयारी कैसे करें। ऐसे में एकेटीयू मॉडल पेपर जारी करे ताकि वे अपनी तैयारी कर सकें।
परीक्षा केंद्रों की सूची लगभग तैयार है। जल्द ही इसे जारी कर दिया जाएगा। कोशिश है कि विद्यार्थियों को उनके पास के परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएं ताकि उन्हें कम से कम यात्रा करनी पड़े। - प्रो. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, एकेटीयू