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राखी बाजार में कोरोना ब्वॉय की धूम, डोरेमान, मोटू-पतलू को दे रहा टक्कर

Fri, 17 Jul 2020 12:21 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कोरोना राखियां (बायें) व भैया-भाभी स्पेशल। - फोटो : amar ujala
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त्यौहारों के बहाने ही सही एक बार फिर शहर के कारोबारी बाजार की मायूसी तोड़ने में जुट गए हैं। रक्षाबंधन नजदीक आने के साथ ही कारोबारियों ने कोलकाता से मंगवाए राखियों के डिब्बों को खोलना शुरू कर दिया है। दुकानें सजने लगी हैं। हालांकि सामान्य दिनों से अलग माहौल है। कई सारी मुश्किलें हैं। बावजूद, दुकानदारों ने सुंदर-सुंदर राखियां मंगाने में कसर नहीं छोड़ी है। भाइयों की कलाई पर सजाने को रेशम के धागों का स्वैग भी तैयार है तो मोटू-पतलू भी उछलकूद मचा रहे हैं। इसी के साथ कैंडी और कार वाली राखियां भी मौजूद हैं। राखी बाजार में क्या है नया और खास, पेश है एक रिपोर्ट...।
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रेशम की डोरी से बंध गया कोरोना
बाजार में नयापन लाने की कोशिश में इस बार राखियों के कलेक्शन में सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली चीज है वो है कोरोना राखियां। बच्चों को लुभाने और उनकी छोटी-छोटी कलाइयों को सजाने के लिए यूं तो डोरेमान, मोटू-पतलू, रा-वन, कैंडी, कार और शापनर वाली रंग-बिरंगी राखियां मौजूद है, लेकिन इन सबका आकर्षण चुरा रहा है कोरोना ब्वॉय।

अमीनाबाद में निशान डेकोरेशन के सिराज कहते हैं कि कोरोना काल वैसे तो डराने वाला है, लेकिन हम चाहते हैं कि त्यौहार के बहाने ही सही लोगों का डर कुछ दूर हो। वैसे भी रेशम की डोरी में बंधा बहन का प्यार कोरोना से भाई की रक्षा करे, इसी सोच के साथ इस राखी को बनाया गया है।
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जरी से तैयार भाई-भाभी का जोड़ा

- फोटो : amar ujala
अलताफ कहते हैं कि यूं तो लुंबा हर बार मिलता है, लेकिन इस बार विशेष आर्डर देकर जरी और फूलों का लुंबा तैयार करवाया है। खासकर मारवाड़ी और अग्रवाल समाज के लोगों में भाइयों के साथ भाभियों को भी राखी बांधने का चलन है। कौड़ियों, रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, कुंदन और जरी के काम वाले भाई-भाभी सेट मैचिंग के साथ बाजार में मौजूद हैं।

रेशम की लड़ियां सदाबहार
अमीनाबाद में मुन्ना डेकोरेशन के अफजाल कहते हैं कि इस बार माल आने में काफी देर हो गई, आर्डर भी फोन पर ही बुक कराना पड़ा। इसलिए बहुत ज्यादा डिजाइन तो नहीं आ सकी, लेकिन मुख्य रूप से कोलकाता से आने वाली रेशम की डोरियों का क्रेज बरकरार है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा दुकानों पर डोरियों वाली राखी ही नजर आएगी। नएपन के नाम पर इनके रंग पहले से ज्यादा चमकदार हैं और सजाने के लिए मेटेलिक चीजों का इस्तेमाल किया गया है। अवनीश कहते हैं कि मेटल की होकर भी इनकी बनावट इस तरह की होती है कि ये बहुत हल्की लगती हैं।

चांदी-सोने की राखियों का भी तैयार, लेकिन स्टाक सीमित
सराफा कारोबारी विनोद माहेश्वरी बताते हैं कि चांदी और सोने की राखियां भी तैयार हैं, लेकिन माहौल को देखते हुए इनकी संख्या कम है। चांदी की राखियां जहां 200 से लेकर 5000 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं, वहीं सोने की राखियों की कीमत 10 हजार से 60 हजार रुपये तक है। इन राखियों को आर्कषक बनाने के लिए इन्हें कार्टून कैरेक्टर से सजाया गया है। इसके अलावा रुद्राक्ष, सतिया, ओम और भगवान गणेश बनाए गए हैं। सर्राफ आदिश जैन कहते हैं कि लगातार बंदी के चलते बहुत ज्यादा स्टाक तैयार नहीं किया गया, लेकिन कुछ चुनिंदा राखियां तैयार कराई गई हैं।
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ऑनलाइन राखियां 60 फीसदी तक छूट के साथ उपलब्ध

- फोटो : amar ujala
होम डिलीवरी का चलन कोरोना काल में तेज है। ऐसे में कई सारी वेबसाइट्स पर 60 फीसदी छूट के साथ राखियां उपलब्ध हैं। खास बात है कि राखियों के साथ अपनी मनपसंद का गिफ्ट भी आप ऑनलाइन बुक करा सकते हैं, जो तय समय पर आपके भाई तक पहुंच जाएगा। ऑनलाइन उपलब्ध राखियों में रुद्राक्ष डोरी, ओम राखी, ओम और रुद्राक्ष राखी का सेट, ब्रेसलेट राखी, स्टोन-बीड्स की राखियां सबसे ज्यादा डिमांड में है।

राखियों के सेट के साथ रोली-चावल-केसर की थाली भी मौजूद है। ऑनलाइन विकल्पों में फैमिली सेट भी उपलब्ध है। बच्चों के लिए छोटा भीम, एलीडी लाइट वाली राखी, छोटा चेतन राखी का सेट, स्पाइरमैन व बेनटेन और आयरनमैन मास्क वाली राखी भी मौजूद है। लगभग सभी कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां आपको एक ही क्लिक पर मिल जाएंगी।
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