जेपी सिंह के अनुसार डिग्री स्तर के शिक्षकों का केंद्रीयकृत डाटा तैयार कर इस फर्जीवाड़े को रोका जा सकता है। इस डाटा में आधार नंबर भी डालना चाहिए। मानस संसाधन मंत्रालय ने इसी आधार पर शिक्षकों का डाटा बेस तैयार किया था। इसके बाद देश भर में 60 हजार से ज्यादा फर्जी शिक्षकों का खुलासा हुआ था। प्रदेश सरकार इसे लागू करे तो यहां भी काफी फर्जी शिक्षक सामने आएंगे।
आधार नंबर के साथ शिक्षकों का केंद्रीयकृत डाटा तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। उन्होंने इसके लिए शासन को निर्देश दिया है, लेकिन अभी तक इस प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। विवि को इस फर्जीवाड़े से निपटने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।
जेपी सिंह
अध्यक्ष, उच्च शिक्षा उत्थान समिति
शिक्षकों के अनुमोदन में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विवि गंभीरता से विचार कर रहा है। सत्र शुरू होने से पहले हम ऐसी व्यवस्था करेंगे जिससे कि शिक्षक अनुमोदन में होने वाले फर्जीवाड़े को स्थानीय रूप से समाप्त किया जा सके।
प्रो. एसपी सिंह
कुलपति, लविवि