संगठित अपराध रोकने के लिए बनाए जा रहे कानून यूपीकोका का रास्ता लगभग साफ हो गया है। प्रवर समिति ने यूपीकोका बिल का मसौदा बिना किसी संशोधन के पास कर दिया। सोमवार को प्रवर समिति का प्रतिवेदन विधान परिषद के पटल पर रखा गया।
विधान परिषद में जैसे ही प्रवर समिति के प्रतिवेदन को पटल रखने के निर्देश अधिष्ठाता ने दिए सपा के शतरुद्र प्रकाश ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए इसे आधा-अधूरा प्रतिवेदन बताया। साथ ही कहा कि इसे प्रवर समिति को वापस कर देना चाहिए।
उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि इसमें बहुमत के आधार पर संशोधन के प्रस्ताव को पास करने का प्रावधान है, जबकि समिति ने ऐसा नहीं किया। इस पर सत्ता पक्ष ने कहा कि इसके लिए कोई संशोधन आया ही नहीं था, ऐसे में वोटिंग किस बात की कराई जाती।
वहीं नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि जिस दिन प्रवर समिति की बैठक होनी थी, उसी दिन बसपा नेता सुनील कुमार चित्तौड़ के पिता का निधन हो गया था और उन्होंने बैठक में आने में असमर्थता जताई थी। समिति को उस दिन बैठक नहीं करनी चाहिए थी।