आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के नेपाल में छिपे सदस्य उत्तराखंड और पीलीभीत-लखीमपुर खीरी सीमा से प्रदेश में घुसने की फिराक में हैं।
खुफिया विभाग की इस सूचना के बाद बॉर्डर पर लगीं भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क कर दी गई हैं। हालांकि एसपी एन कोलांची घुसपैठ की किसी सूचना से इंकार कर रहे हैं।
हालांकि उन्होंने माना कि बरेली में मंगलवार को नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा और नवरात्र के कारण प्रमुख मंदिरों पर भीड़भाड़ को देखते हुए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
नेपाल काफी समय से आतंकी संगठनों का सुरक्षित ठिकाना रहा है। आतंकी संगठन जाली करेंसी से लेकर भारत विरोधी गतिविधियां वहीं से संचालित करते हैं।
लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियां खुली सीमा होने के कारण नेपाल से हो रही भारत विरोधी इन गतिविधियों पर रोक लगाने में असफल रही हैं।
उत्तराखंड, पीलीभीत-लखीमपुर खीरी और बहराइच के जंगलों से घिरी नेपाल सीमा पर कई बीहड़ और सुगम रास्ते हैं। इन रास्तों के जरिए देशद्रोही भारत में घुसपैठ करने में सफल हो जाती हैं।
इंडो-नेपाल बार्डर पर कुछ महीने पहले बनवसा के समीप आईएम के आतंकी यासीन भटकल का पकड़ा जाना इसका उदाहरण है।
इसके अलावा यूपी के तराई के जिलों पीलीभीत, खीरी, बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज सहित कई जिले की सीमाएं नेपाल से जुड़ी हैं।
बहराइच जिले के रुपैडिहा और गोरखपुर के सोनौली बॉर्डर से भी पिछले कुछ महीने में आतंकी पहले ही पकड़े जा चुके हैं।
आठ माह पूर्व खुफिया विभाग ने पीलीभीत-लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड की सीमा को जोड़ने वाले नेपाल के कंचनपुर जिले से प्रेशर कुकर में लाया जा रहा पांच किलो आरडीएक्स भी बरामद किया था।
खुफिया सूत्रों की मानें तो आईएम के नेपाल में छुपे कुछ आतंकी उत्तराखंड और पीलीभीत-लखीमपुर खीरी बॉर्डर से भारत में घुसने की फिराक में हैं।
हाल ही में दून स्कूल मिलिट्री एकेडमी (उत्तराखंड) को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने से यह बात साफ हो गई है कि उत्तराखंड भी आतंकियों के निशाने पर है।