लखनऊ की जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था अब हाईटेक होने जा रही है। इसकी पहल शुरू कर दी गई। अब कैदियों से मुलाकात तिहाड़ जेल की तर्ज पर कराई जाएगी। एक्रेलिक की शीट लगाकर मुलाकात कक्ष की खिड़कियों को पूरा बंद किया जाएगा। साथ ही मुलाकाती इंटरकॉम पर कैदियों से बातचीत करेंगे।
एक्रेलिक शीट लगने से कैदी परिचित को देख तो सकेगा, लेकिन छू नहीं पाएगा। इससे चोरी छिपे आपत्तिजनक या प्रतिबंधित वस्तुआें का कैदियों तक पहुंचाने पर रोक लगाई जाएगी। इसकी शुरूआत 25 जुलाई से हो जाएगी।
जिला जेल में सात पाकिस्तानी सहित कुल 43 आतंकी बंद हैं।
इसके कारण जेल अतिसंवेदनशील मानी जाती है। अक्सर मुलाकात के दौरान बंदियों के परिचितों के जरिए जेल के अंदर कई आपत्तिजनक और प्रतिबंधित सामग्री भी पहुंच जा रही थी। इस पर लगाम लगाने के लिए 12 मुलाकात खिड़कियों में दो को हाईटेक किया गया है।
इन खिड़कियों पर एक्रेलिक की शीट लगाई गई है। यहां पर हाईप्रोफाइल बंदियों व आतंकियों की मुलाकात होगी। धीरे-धीरे यह व्यवस्था सभी खिड़कियों पर की जाएगी। साथ ही मुलाकात कक्ष में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति को मेटल डिटेक्टर से होकर जाना पड़ेगा। चाहे वह जेल अधिकारी हो या कर्मचारी।