विहिप शुक्रवार को संकल्प सभा की रणनीति बदल सकती है। रामसेवकपुरम् की घेराबंदी से कारसेवकपुरम् में सभा करने के संकेत दिए जा रहे हैं।
यहां गुप्त रास्ते से बृहस्पतिवार दोपहर तक डेढ़ हजार से अधिक युवक-युवतियों ने डेरा जमा लिया था। इनका भोजन भी बना और परोसा गया, लेकिन अंदर प्रशासन-पुलिस की जाने की हिम्मत नहीं हुई।
खुफिया रिपोर्ट में विहिप कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया के आने की संभावना से हलचल मची हुई है। हालांकि सांसद योगी आदित्यनाथ, पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के आने की संभावना जताई जा रही है।
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जबकि विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय व केंद्रीय टीम राजेंद्र सिंह पंकज, पुरुषोत्तम नारायण सिंह, महावीर आदि पहले से ही जमे हुए हैं। कारसेवकपुरम् के भीतर पत्रकारों को भी जाने से प्रशासन ने प्रतिबंधित कर रखा है।
किसी तरह अंदर पहुंचने पर गुरुवार को वहां के गुरुकुल के कमरों में लगभग एक हजार युवक संकल्प सभा की तैयारी की रणनीति बनाते मिले।
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष राय ने अंदर फोटो खिंचने से मना कर दिया लेकिन बताया कि सूबे के हर जिले से 50 लोगों को आने का निर्देश दिया गया है।
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अब तक 2500 कार्यकर्ता अयोध्या के मठ-मंदिरों और घाटों पर पहुंच चुके हैं। कारसेवकपुरम् में 350 से अधिक बहनें भी आई हैं। वे बाइक से लखनऊ से रात में चलकर सुबह कारसेवकपुरम् पहुंचे हैं।
आने वालों का सिलसिला जारी है। कोई बाइक से आया तो कोई टेंपो से, चहारदीवारी फांद कर मठ-मंदिरों में ढेरा जमाये हुए हैं। कार्यकर्ता मोदी की रैली की तैयारी छोड़ ऊपर से मिले निर्देश पर अयोध्या कूच कर रहे हैं।
उधर, संकल्प सभा रोकने पर विहिप के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं। पूरे दिन गोपनीय बैठकें कर संत-महंत और केंद्रीय टीम ने रणनीति बनाई। कहा, हिंदू जनमानस उद्वेलित हो रहा है, कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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